हापुड़: BJP नेता पर बंदरों का हमला, स्कूटी छोड़कर भागे… गिरकर घायल, वीडियो वायरल, लोगों में दहशत
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)।
हापुड़ शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन आम नागरिक इन हमलों का शिकार हो रहे हैं और अब भाजपा के स्थानीय नेता भी इससे अछूते नहीं रहे। नगर कोतवाली क्षेत्र की लक्ष्मण गली में 21 सितंबर की शाम को पंजाबी समाज के राष्ट्रीय संयोजक और भाजपा नेता प्रवीण सेठी पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें नेता जी स्कूटी छोड़कर जान बचाने के लिए दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस दौरान वे गिर पड़े और घायल हो गए।
घटना कैसे हुई?
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भाजपा नेता प्रवीण सेठी स्कूटी से बाजार से घर लौट रहे थे।
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जैसे ही वे लक्ष्मण गली में पहुंचे, अचानक बंदरों का झुंड उन पर टूट पड़ा।
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उन्होंने स्कूटी वहीं छोड़ दी और अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े।
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बंदरों ने उनका पीछा किया और कई बार काटने की कोशिश की।
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इस दौरान वे फिसलकर गिर पड़े और हाथ-पैर में चोटें आईं।
नेता ने क्या कहा?
घटना से आहत प्रवीण सेठी ने कहा –
👉 “बंदरों का हमला हापुड़ में आम बात हो चुकी है। आज मुझे निशाना बनाया गया, कल कोई बच्चा या बुजुर्ग शिकार बन सकता है। शहर में लोग दहशत में जी रहे हैं, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि बंदरों के कारण बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया है।
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“हम अपने बच्चों को छत पर खेलने भी नहीं भेज सकते।” – राकेश गुप्ता, स्थानीय निवासी
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“सुबह-शाम गली में निकलना खतरे से खाली नहीं है, हर वक्त डर बना रहता है।” – श्वेता शर्मा, गृहणी
प्रशासन क्या कह रहा है?
नगर पालिका हापुड़ के एक अधिकारी ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग को सूचना भेज दी गई है। इसके अलावा शहर में जल्द ही विशेष अभियान चलाने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, अब तक ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ रही है समस्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की कटाई के कारण बंदर रिहायशी इलाकों में घुस रहे हैं। खाने-पीने की तलाश में वे अब बाजार, घरों और स्कूलों के पास मंडराने लगे हैं।
हापुड़ ही नहीं बल्कि मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भी बंदरों का आतंक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
लोगों की मांग
निवासियों का कहना है कि:
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बंदरों को पकड़ने और सुरक्षित जगह पर छोड़े जाने की जरूरत है।
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नगर पालिका और वन विभाग को संयुक्त अभियान चलाना चाहिए।
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स्कूलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता रखी जाए।
सोशल मीडिया पर बहस
वायरल वीडियो सामने आने के बाद लोग ट्विटर (X) और फेसबुक पर प्रशासन की आलोचना कर रहे हैं। कुछ लोग व्यंग्य करते हुए कह रहे हैं कि “अब नेता भी सुरक्षित नहीं, आम आदमी का क्या होगा?” वहीं कुछ लोगों ने सरकार से तुरंत बंदरों की समस्या पर ठोस एक्शन की मांग की है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



