कालीन नगरी में शराब खपत ने बनाया नया रिकॉर्ड

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214 करोड़ की शराब गटक गए कालीन नगरी के शौकीन, 35 पॉलिटेक्निक कॉलेज के बराबर खर्च

ज्ञानपुर।
कालीन नगरी भदोही में शराब खपत के आंकड़ों ने इस बार नया रिकॉर्ड बना दिया है। आबकारी विभाग के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष के केवल 10 महीनों में जिले में 214 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई है। इतनी बड़ी धनराशि से जहां लगभग 35 पॉलिटेक्निक कॉलेज बनाए जा सकते हैं, वहीं एक और आधुनिक एक्सपो मार्ट का निर्माण भी संभव है। एक पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण पर औसतन 6 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।

पिछले वर्ष से बढ़ी खपत

यदि वर्ष 2023-24 से तुलना करें तो मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक शराब बिक्री में करीब 19 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी जिले में शराब के बढ़ते चलन और उपभोग की प्रवृत्ति को दर्शाती है।

जिले में 225 दुकानें संचालित

जिले में देशी, विदेशी शराब और बीयर की कुल 225 लाइसेंसी दुकानें संचालित हैं। इन्हीं के माध्यम से यह भारी बिक्री दर्ज की गई है। औसतन देखें तो

  • प्रति माह करीब 18 करोड़ रुपये,

  • और प्रतिदिन लगभग 70 से 80 लाख रुपये की शराब जिले में बिक रही है।

बिक्री के विस्तृत आंकड़े

आबकारी विभाग के अनुसार 10 महीनों में—

  • 47,35,709 बल्क लीटर देशी शराब

  • 44,24,445 केन बीयर

  • 13,89,513.65 बोतल अंग्रेजी शराब
    की बिक्री दर्ज की गई है।

सामाजिक हलकों में चर्चा

शराब बिक्री के बढ़ते आंकड़ों ने सामाजिक और बौद्धिक वर्गों में चिंता भी बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी रकम शिक्षा, स्वास्थ्य या बुनियादी ढांचे पर खर्च हो, तो जिले के विकास को नई गति मिल सकती है।

विभाग की नजर राजस्व पर

हालांकि आबकारी विभाग के लिए यह बढ़ी बिक्री राजस्व वृद्धि के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित नीति के तहत लाइसेंसी दुकानों से वैध बिक्री हो रही है और राजस्व लक्ष्य की पूर्ति हो रही है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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