प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र को संबोधन: 22 सितंबर से लागू होंगे अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार
‘जीएसटी बचत उत्सव’ से आम नागरिक से लेकर उद्योग जगत तक को मिलेगा लाभ, आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली, 21 सितंबर 2025 | PIB दिल्ली रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और इस पावन अवसर पर अगली पीढ़ी के वस्तु एवं सेवाकर (GST) सुधारों की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने बताया कि 22 सितंबर से सूर्योदय के साथ यह सुधार लागू होंगे और इसे पूरे भारत में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा।
नवरात्रि पर आर्थिक सुधारों का बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री ने कहा कि नवरात्रि जैसे शक्ति और नए संकल्प के पर्व पर यह कदम भारत को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में नई गति देगा। उन्होंने कहा:
“ये सुधार नागरिकों की सेवा का सार हैं और ‘नागरिक देवो भवः’ के मंत्र को मूर्त रूप देते हैं। हर वर्ग – गरीब, किसान, दुकानदार, व्यापारी, महिला, युवा और उद्यमी – इनका लाभ उठाएगा।”
सुधारों का खाका: अब सिर्फ दो स्लैब
नए जीएसटी ढांचे में अब केवल 5% और 18% कर स्लैब रहेंगे।
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12% स्लैब खत्म – इस श्रेणी में आने वाली 99% वस्तुएं अब 5% में शिफ्ट हो गई हैं।
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रोजमर्रा की चीजें सस्ती – खाने-पीने की वस्तुएं, दवाइयाँ, साबुन, टूथपेस्ट, बीमा सेवाएं अब और सस्ती होंगी।
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उपभोक्ता वस्तुएं किफायती – टीवी, रेफ्रिजरेटर, दोपहिया वाहन, कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की कीमतों में कमी आएगी।
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यात्रा और पर्यटन सस्ता – होटल रूम और ट्रैवल पर टैक्स घटने से आम उपभोक्ता को फायदा मिलेगा।
गरीब और मध्यम वर्ग को दोहरा लाभ
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल में 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करने के बाद अब कम जीएसटी दरों से लोगों को दोहरा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा:
“पिछले वर्ष में लिए गए फैसलों से देशवासियों को 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। अब गरीबों और नव-मध्यम वर्ग के लिए अपने सपनों को पूरा करना आसान होगा।”
जीएसटी: 2017 से 2025 तक का सफर
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2017 में जीएसटी लागू होने के साथ ही भारत ने कर सुधारों के नए युग में प्रवेश किया। उससे पहले देश चुंगी, वैट, सेवा कर, प्रवेश कर और दर्जनों शुल्कों के जाल में उलझा हुआ था।
उन्होंने एक उदाहरण साझा किया कि कभी कंपनियां माल को हैदराबाद भेजने के बजाय यूरोप भेजना आसान समझती थीं क्योंकि कर और टोल की जटिलता इतनी बड़ी थी।
अब, सुधारों के इस नए चरण से भारत वास्तव में ‘एक राष्ट्र-एक कर’ की व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
व्यापार, निवेश और उद्योग जगत पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, नए सुधारों से –
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कारोबारियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस बेहतर होगा।
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विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षक होंगे।
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एमएसएमई, लघु और कुटीर उद्योग को बिक्री बढ़ाने और कर बोझ घटाने का लाभ मिलेगा।
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उत्पादन की लागत कम होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करेगी।
आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग की अपील करते हुए कहा –
“देश को जो चाहिए और जो भारत में बनाया जा सकता है, वह भारत में ही बनाया जाना चाहिए। हर घर स्वदेशी का प्रतीक बने और हर दुकान स्वदेशी वस्तुओं से सजी हो।”
उन्होंने लोगों से गर्व से उद्घोष करने का आह्वान किया –
“मैं स्वदेशी खरीदता हूँ, मैं स्वदेशी बेचता हूँ।”
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
विश्लेषकों का मानना है कि नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा किए गए इस बड़े ऐलान का संदेश आर्थिक सुधारों के साथ-साथ सांस्कृतिक और भावनात्मक अपील से भी जुड़ा है।
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यह निर्णय सरकार की मध्यम वर्ग और गरीबों पर केंद्रित नीति को रेखांकित करता है।
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साथ ही, आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का प्रयास है।
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राज्यों को बराबर की भागीदारी दिलाकर यह सुधार संघीय सहयोग मॉडल को भी मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री का समापन संदेश
“आइए, भारत में निर्मित उत्पाद खरीदें। आत्मनिर्भर भारत ही समृद्ध भारत का मार्ग है। जब केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा और भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा।”
📌 निष्कर्ष
22 सितंबर से लागू होने वाले अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार न केवल आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक हैं बल्कि यह भारत की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने वाले भी हैं। इनके जरिये न सिर्फ नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई ऊर्जा प्राप्त होगी। साथ ही, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश एक बार फिर भारतीय जनमानस को प्रेरित करेगा।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



