बिहार में महिला गैंग कर रही थी शराब तस्करी, मुजफ्फरपुर में 11 गिरफ्तार, दिल्ली-यूपी-हरियाणा से आती थी विदेशी शराब
मुजफ्फरपुर। बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को धता बताकर शराब माफिया नए-नए तरीके निकालते रहते हैं। अब इस धंधे में महिलाएं भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। मद्यनिषेध और उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के बटलर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान विदेशी शराब की भारी खेप बरामद हुई और कुल 11 लोग गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार लोगों में आधे से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
दिल्ली-यूपी-हरियाणा से आती थी शराब
जांच में पता चला है कि यह गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से ट्रकों और पिकअप गाड़ियों के जरिए विदेशी शराब की खेप मंगवाता था। बिहार पहुंचने के बाद शराब को छोटे-छोटे पैकेट और कार्टन में बांटकर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था।
महिलाओं का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा था ताकि पुलिस और प्रशासन को शक न हो। डिलीवरी के दौरान महिलाएं आम ग्राहक या घरेलू कामकाज में जुटी महिला की तरह दिखती थीं।
डिलीवरी चार्ज पर काम करती थीं महिलाएं
सूत्रों के अनुसार, इस महिला गैंग को हर डिलीवरी के बदले एक तय रकम मिलती थी। छोटे पैकेट पहुंचाने पर 300-500 रुपये और बड़ी खेप ले जाने पर 1000 रुपये तक की रकम दी जाती थी। कई महिलाएं इसे घर बैठकर कमाई का आसान जरिया मानकर जुड़ गई थीं।
गिरफ्तार लोगों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों से हुई है। इनमें नजीया खातून, रूपा देवी, ममीता देवी, शनिचरी देवी, ममता देवी और शहनाज जैसी महिलाएं शामिल हैं। इनके अलावा कुछ पुरुष सदस्य भी पकड़े गए हैं, जो शराब की ढुलाई और स्टॉक संभालने का काम करते थे।
बरामद शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की जांच
मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और मुजफ्फरपुर समेत आसपास के जिलों में शराब सप्लाई कर रहा था। गिरफ्तार महिलाओं और पुरुषों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क की जड़ें और भी गहरी हैं और जल्द ही इसमें शामिल अन्य बड़े चेहरों का भी पर्दाफाश किया जाएगा।
शराबबंदी और चुनौतियाँ
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंड का प्रावधान है। इसके बावजूद आए दिन राज्य के अलग-अलग जिलों से शराब तस्करी और बरामदगी की खबरें आती रहती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और चुनौतीपूर्ण हो गई है, क्योंकि महिलाओं पर सामान्यतः पुलिस और लोगों का ध्यान कम जाता है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरपुर की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को जिंदा रखे हुए हैं। हालांकि विभागीय टीम लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन तस्करों की पकड़ कमजोर करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Author: Bharat Kranti News
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