बरेली बवाल: नमाज के बाद भीड़ जुटाकर सियासी रसूख दिखाने की साजिश, पूर्व जिलाध्यक्ष ने खोले राज

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बरेली बवाल: नमाज के बाद भीड़ जुटाकर रसूख दिखाना चाह रहे थे तौकीर रजा, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम ने खोले राज

बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा पर नमाज के बाद बड़ी संख्या में भीड़ जुटाकर अपने सियासी और सामाजिक रसूख का प्रदर्शन करने का आरोप है। पुलिस पूछताछ में मौलाना के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां ने कई बड़े खुलासे किए हैं।

डेढ़ साल से भीड़ जुटाने में नाकाम

नदीम खां ने बताया कि मौलाना तौकीर लगभग डेढ़ साल से बरेली में अपने दम पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा नहीं कर पाए थे। इसी वजह से वह अपने रसूख को लेकर चिंतित रहने लगे थे। “आई लव मोहम्मद” मामले के कानपुर से उठने के बाद मौलाना ने इसे अवसर समझा और मजहब की आड़ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुसलमानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बनाई।

विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रसूख दिखाने की कोशिश

नदीम ने बताया कि मौलाना तौकीर खुद को मुस्लिमों का रहनुमा बताकर कांग्रेस, सपा और बसपा जैसे राजनीतिक दलों के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहते थे। बरेली से बड़ा संदेश देने के लिए उन्होंने साजिश रची और नमाज के बाद बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने की कोशिश की।

फर्जी अपील और प्रशासन को भ्रमित करने की योजना

आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां ने खुलासा किया कि उन्होंने और प्रवक्ता डॉ. नफीस ने प्रदेश मीडिया प्रभारी लियाकत खां के फर्जी हस्ताक्षर से पुलिस और प्रशासन को पत्र सौंपा। पत्र में कार्यक्रम स्थगित करने की बात लिखी गई थी। लेकिन मौलाना ने पत्र पर ऐतराज जताया और इसे फर्जी करार देकर वीडियो वायरल किया।

गुर्गों में गुटबाजी और बवाल की जड़

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मौलाना के खास गुर्गों के दो गुट थे। एक गुट में नदीम और नफीस थे, जबकि दूसरा गुट मुनीर इदरीशी, अनीस सकलैनी और अहसानुल हक उर्फ चतुर्वेदी का था। दोनों गुटों की आपसी खींचतान और विरोध ने मौलाना को भड़काया और बवाल की स्थिति पैदा कर दी।

बवाल में भूमिका और पुलिस कार्रवाई

नदीम ने कहा कि असल में भीड़ जुटाने की अहम जिम्मेदारी मुनीर और नफीस की थी। वह खुद लोगों को शांत करने और उन्हें मैदान में न जाने की सलाह दे रहे थे। पुलिस ने नदीम को बवाल का एक अहम आरोपी बताया और उससे मिली जानकारी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और दर्ज मुकदमों की विवेचना में मददगार साबित होगी।

एसएसपी अनुराग आर्य ने पुष्टि की कि पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जो बरेली बवाल के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करने में मदद करेंगे।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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