बरेली आ रहीं सपा प्रवक्ता सुमैया राणा को लौटाया, बोलीं- पुलिस को एक महिला से खौफ
लखनऊ/बरेली। समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और मशहूर शायरा सुमैया राणा को शुक्रवार देर रात बरेली आने से रोक दिया गया। फरीदपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोककर करीब एक घंटे तक पूछताछ की और फिर वापस लौटा दिया। इस दौरान सुमैया राणा ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
पुलिस से तीखी नोकझोंक, सोशल मीडिया पर निशाना
सुमैया राणा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बिना किसी कानूनी आधार के रोका। उन्होंने कहा,
“एक महिला से डरकर यूपी पुलिस तानाशाही कर रही है। मैं शायरा हूं और बरेली मुशायरे में जा रही थी, कोई आंदोलन करने नहीं। मेरी कोई हिस्ट्रीशीट भी नहीं है।”
लाइव वीडियो में उन्होंने बरेली पुलिस और सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
क्यों रोकी गईं सुमैया राणा?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बरेली एसएसपी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। चूँकि शुक्रवार को शहर में बड़े पैमाने पर बवाल और हिंसा भड़क चुकी थी, इसलिए बाहरी राजनीतिक नेताओं और प्रवक्ताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई।
थाना फरीदपुर के इंस्पेक्टर राधेश्याम ने पुष्टि की कि उन्हें शाहजहांपुर सीमा तक छोड़ दिया गया।
बरेली का माहौल पहले से तनावपूर्ण
जुमे की नमाज के बाद बरेली में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद को लेकर भारी बवाल हुआ।
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मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, लेकिन मौलाना के नदारद रहने से भीड़ बेकाबू हो गई।
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भीड़ ने खलील स्कूल तिराहे पर दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की।
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नावल्टी चौराहे पर पुलिस टीम पर पथराव किया गया।
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श्यामगंज इलाके में फायरिंग की घटनाएं भी हुईं।
इस बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस-प्रशासन की सख्त कार्रवाई
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि बरेली में हालात देर शाम तक नियंत्रण में ले लिए गए।
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अब तक 39 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
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8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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बाकी आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो खंगाले जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर गरमाई सियासत
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सुमैया राणा के लाइव वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया।
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उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई को “तानाशाही” बताया।
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वहीं कुछ लोग इसे “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम” करार दे रहे हैं।
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सुमैया राणा के नाम से बनी कुछ फेक आईडी से भड़काऊ पोस्ट भी वायरल हुई हैं, जिन पर पुलिस ने निगरानी तेज कर दी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
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सपा नेताओं का कहना है कि योगी सरकार विपक्षी आवाज़ को दबा रही है।
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भाजपा नेताओं का तर्क है कि यह रोक कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक थी।
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स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बरेली में हालात संवेदनशील हैं, इसलिए किसी भी बाहरी उत्तेजना को रोका जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
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सपा प्रवक्ता सुमैया राणा को बरेली आने से रोका गया।
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पुलिस ने फरीदपुर टोल प्लाजा पर रोककर शाहजहांपुर सीमा तक छोड़ा।
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सुमैया राणा ने लाइव आकर पुलिस पर तानाशाही के आरोप लगाए।
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बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल।
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अब तक 39 लोग हिरासत में और 8 गिरफ्तार।
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सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट वायरल, पुलिस अलर्ट पर।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

