लखनऊ: 71 साल के पति और 65 साल की पत्नी का 50 साल बाद तलाक, जानिए पूरी कहानी

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71 साल के पति और 65 साल की पत्नी का 50 साल बाद तलाक, लखनऊ से सामने आई चौंकाने वाली कहानी

लखनऊ। कहते हैं कि शादी का बंधन सात जन्मों का होता है, लेकिन राजधानी लखनऊ से ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया। यहां 71 वर्षीय गुरुप्रसाद और 65 वर्षीय रमदेई की शादी 50 साल तक चली, लेकिन आखिरकार यह रिश्ता टूट गया। 26 मार्च 2025 को लखनऊ पारिवारिक न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दोनों का तलाक मंजूर कर लिया।


 1975 में हुई थी शादी, 1990 से अलग रह रहे थे

काकोरी क्षेत्र के ग्राम कटौली निवासी गुरुप्रसाद और मलिहाबाद के ग्राम ईशापुर निवासी रमदेई का विवाह वर्ष 1975 में हुआ था। शादी के शुरुआती साल अच्छे रहे, लेकिन धीरे-धीरे आपसी मनमुटाव और छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ने लगा। 14 साल तक दोनों साथ रहे, लेकिन उनके कोई संतान नहीं हुई।
साल 1990 में विवाद इतना गहरा गया कि रमदेई अपने मायके चली गईं और तब से वे यहीं रह रही हैं।


 2009 में कोर्ट पहुंचे, 16 साल तक चला केस

पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ता चला गया और 2009 में यह मामला लखनऊ पारिवारिक न्यायालय में पहुंचा। इसके बाद पूरे 16 साल तक केस चलता रहा।
न्यायालय ने कई बार दोनों पक्षों को समझाने और साथ रहने के लिए राजी करने की कोशिश की, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे।


 गुरुप्रसाद का बयान – “साथ रखने को तैयार था”

गुरुप्रसाद का कहना है कि उन्होंने कई बार रमदेई को साथ रखने की इच्छा जताई थी। वे चाहते थे कि पत्नी वापस घर आ जाएं, लेकिन उनकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया।


 रमदेई का आरोप – “न आर्थिक सहारा मिला, न संपत्ति में हिस्सा”

रमदेई का कहना है कि 1990 से वे अपने भाई के पास रह रही हैं। इस दौरान न तो उन्हें पति से कोई आर्थिक सहारा मिला और न ही जमीन-जायदाद में हिस्सा।
उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए गुजारा भत्ता जरूर मिला, लेकिन वह भी बाद में बंद हो गया।


 भाई का आरोप – “बहन को बेसहारा छोड़ दिया”

रमदेई के भाई बालकराम ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गुरुप्रसाद के पास कई बीघा जमीन है, लेकिन उन्होंने उसमें से बहन को कुछ नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और अब वे एक बार फिर से कोर्ट में गुजारा भत्ता की मांग करेंगे।

 अदालत का फैसला

26 मार्च 2025 को अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, लखनऊ ने तलाक का फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ रहने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में विवाह को जबरन बनाए रखना संभव नहीं है।


 यह मामला क्यों खास है?

आमतौर पर तलाक के मामले शादी के शुरुआती 5-7 सालों में आते हैं।

यहां 50 साल पुराने रिश्ते का अंत हुआ, जो अपने आप में अनोखा है।

पति-पत्नी 35 साल से अलग रह रहे थे और 16 साल तक केस कोर्ट में चला।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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