“प्लीज पापा जल्दी आ जाओ, मुझे बचा लो…” कहकर गुम हो गई 17 वर्षीय बेटी, अब सिर्फ खामोशी और पिता के आंसू बचे हैं
विशेष रिपोर्ट – भारत क्रांति न्यूज़ ब्यूरो
घबराई आवाज, कांपती हुई बेटी, और फिर सन्नाटा…
बुधवार की शाम को कानपुर के रावतपुर क्षेत्र से एक दर्दनाक वाकया सामने आया जिसने हर माता-पिता के दिल को दहला दिया। एक 17 वर्षीय किशोरी जो बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी, संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। लेकिन गायब होने से पहले उसने अपने पिता को फोन कर जो शब्द कहे, वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं—
“प्लीज पापा जल्दी आ जाओ, मुझे बचा लो… मुझे जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया है… कुछ समझ नहीं आ रहा… बहुत डर लग रहा है…”
इन शब्दों के साथ ही अचानक फोन कट गया… और फिर हर तरफ सन्नाटा पसर गया।
बेटी के लिए हर मोड़ पर तलाश, पर हर जगह बस खालीपन
पीड़ित पिता ठेकेदारी का काम करते हैं। उनका परिवार पहले गांव में रह रहा था, लेकिन बेटी की पढ़ाई के लिए तीन महीने पहले वह उसे कानपुर ले आए। किराए के मकान में रहकर वह बेटी की पढ़ाई का पूरा ध्यान रख रहे थे।
बेटी की दिनचर्या तय थी—सुबह कोचिंग, दोपहर को घर का काम, और शाम को पढ़ाई। वह किसी के संपर्क में नहीं रहती थी, कोई गलत संगत या संबंध भी नहीं था। पिता के अनुसार, वह सीधी, शालीन और स्वप्न देखने वाली लड़की थी।
बुधवार की शाम वह किसी काम से बाहर गए हुए थे, तभी बेटी का फोन आया।
“जब उसने कहा कि कोई उसे जबरन गाड़ी में बैठा कर ले गया है, मेरी तो जैसे सांस ही रुक गई थी। मैंने पूछा, कहां हो? कुछ लिखा दिख रहा है क्या? लेकिन वह घबराई हुई थी। बोली, कुछ भी समझ नहीं आ रहा। और फिर फोन कट हो गया।”
इसके बाद पिता ने तुरंत उसे बार-बार कॉल किया, लेकिन फोन बंद हो गया। किसी अनहोनी की आशंका के साथ उन्होंने बेटी को तलाशने की पूरी कोशिश की, कोचिंग, रास्ते, अस्पताल, हर जगह, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
आखिरकार थाने का दरवाज़ा खटखटाया…
जब हर उम्मीद टूटने लगी, तो पिता ने रावतपुर थाने में बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इंस्पेक्टर केके मिश्रा ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मदद से मोबाइल की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है।
“हमने टीम गठित कर दी है। मोबाइल का लोकेशन ट्रैक किया जा रहा है, और जिन रूट्स पर गाड़ियों की आवाजाही संभव थी, वहां के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।”
क्या ये पहले से रची गई साजिश थी?
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए कई सवाल उठ खड़े होते हैं:
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क्या किसी ने लड़की की दिनचर्या पहले से रेखांकित की थी?
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क्या वह किसी ऐसे इंसान पर भरोसा कर बैठी, जिसने उसे धोखा दिया?
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क्या यह संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो छात्राओं को निशाना बनाते हैं?
पुलिस इन सभी कोणों से जांच कर रही है।
पिता की आंखें अब दरवाज़े पर टिकी हैं…
तीन महीने पहले एक उम्मीद लेकर बेटी को शहर लाया गया था। आज वही उम्मीद चिंता और आंसुओं में बदल चुकी है। पिता की आंखें हर गुजरती गाड़ी को देखती हैं, हर फोन कॉल पर उम्मीद जगती है… पर हर बार मायूसी ही मिलती है।
“उसके बिना यह घर वीरान है। मैं हर दिन उसे कोचिंग छोड़ने और लाने जाता था। आज वो कहीं नहीं है… बस उसका डर से कांपता हुआ वो आखिरी फोन मेरे सीने में चुभता जा रहा है।”
भारत क्रांति न्यूज़ की अपील: बेटी को ढूंढना हम सबकी ज़िम्मेदारी है
कृपया इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक शेयर करें। अगर किसी को 12 जून (बुधवार) की शाम लगभग 6 बजे के आसपास काकादेव, रावतपुर या पास के किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध कार, लड़की या घटना दिखी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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🖋️ रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़ ब्यूरो,
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Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.
