भदोही: जिले के 140 निजी अस्पतालों में हिंदी में लगाने होंगे नाम और शुल्क बोर्ड

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भदोही: जिले के 140 निजी अस्पतालों में हिंदी में लगाने होंगे नाम और शुल्क बोर्ड

ज्ञानपुर, भदोही। जिले के सभी 140 निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में अब हिंदी में नाम और शुल्क बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। अस्पताल संचालकों को मुख्य द्वार पर हिंदी में अस्पताल का नाम, डॉक्टरों के नाम, उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित शुल्क की सूची प्रदर्शित करनी होगी। इसका उद्देश्य मरीजों को इलाज और जांच से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना तथा शुल्क को लेकर होने वाली परेशानी को कम करना है।

जिले के कई निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में अब तक नाम, सूचना पट्ट और शुल्क सूची अंग्रेजी में प्रदर्शित की जाती रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को जानकारी समझने में कठिनाई होती है। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने का शुल्क कितना है, ऑपरेशन में कितना खर्च आएगा और अस्पताल में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसी जानकारियों के लिए मरीजों को दूसरों की मदद लेनी पड़ती है।

इसके अलावा, इलाज के शुल्क को लेकर मनमानी किए जाने की शिकायतें भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में पहुंचती रहती हैं। इन समस्याओं को देखते हुए निजी अस्पतालों में हिंदी में सूचना और शुल्क बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करनी होगी जानकारी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके चक के अनुसार, सभी निजी अस्पताल संचालकों को अस्पताल के मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूप से हिंदी में बोर्ड लगाना होगा। इस पर अस्पताल का नाम, डॉक्टरों के नाम, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं और सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क सूची प्रदर्शित करनी होगी।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल संचालकों को जल्द से जल्द निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

सरकारी अस्पतालों में पहले से हिंदी में उपलब्ध हैं सूचनाएं

जिले के सरकारी अस्पतालों में दवाओं, दिशा-सूचक संकेतकों और डॉक्टरों के बैठने से संबंधित जानकारियां हिंदी में प्रदर्शित की जाती हैं। इसके विपरीत, कई निजी अस्पतालों में अब भी अधिकांश सूचनाएं अंग्रेजी में लिखी होती हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में भी हिंदी में बोर्ड लगाए जाने से मरीजों को इलाज संबंधी जानकारी समझने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

इस व्यवस्था से मरीजों को अस्पताल की सुविधाओं और शुल्क के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, इलाज के खर्च को लेकर भ्रम और विवाद की स्थिति को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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