आरटीई : खुली लॉटरी, 1056 बच्चों की चमकी किस्मत
ज्ञानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पहले चरण की लॉटरी बुधवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ बाल गोविंद शुक्ला की अध्यक्षता में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। कुल 1272 पात्र बच्चों में से 1056 बच्चों की किस्मत खुली, जबकि सीट भर जाने के कारण 216 बच्चों को फिलहाल विद्यालय आवंटित नहीं हो सका। इन सभी को दूसरे चरण की प्रक्रिया में समायोजित करने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है।
आरटीई प्रावधानों के तहत निजी और कॉन्वेंट विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। चयनित बच्चों की पढ़ाई, यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब और अन्य शैक्षिक खर्च का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके।
शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण के आवेदन दो फरवरी तक ऑनलाइन लिए गए थे। इस बार जिले के छह ब्लॉकों से रिकॉर्ड 5016 आवेदन प्राप्त हुए, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बताए जा रहे हैं। 16 फरवरी तक चली गहन सत्यापन प्रक्रिया में दस्तावेजों की कमी और पात्रता मानकों पर खरा न उतरने के कारण 3744 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
बुधवार को आयोजित कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों की मौजूदगी में चयन किया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने बताया कि चयनित 1056 बच्चों में से 840 को तत्काल विद्यालय आवंटित कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शेष 216 बच्चों को दूसरे चरण में रिक्त सीटों पर समायोजित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, एक अप्रैल से सभी चयनित बच्चों का संबंधित कॉन्वेंट और निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाएगा। अभिभावकों को समय से विद्यालय में संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
इस दौरान डीसी नवीन मिश्रा, मोहित मौर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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