शराब दुकान के विरोध में महिलाएं सड़क पर उतरीं, प्रशासन पर उठे सवाल
ज्ञानपुर (भदोही)।
कस्तूरीपुर गांव में शराब की दुकान को लेकर उपजा विवाद अब सामाजिक और प्रशासनिक बहस का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच शराब की दुकान खुलने से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। इसी कारण पहले पनईपुर में खोली गई दुकान का विरोध हुआ और उसे वहां से हटाना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्रामवासियों की सहमति के दुकान को बैरा के पास कस्तूरीपुर गांव में खोल दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से गांव का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है।
हिरासत के बाद भड़का आक्रोश
27 महिलाओं को हिरासत में लिए जाने के बाद गांव में आक्रोश और बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने बिना उचित जांच के कार्रवाई की।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर तीन थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए देर शाम उपजिलाधिकारी भान सिंह और क्षेत्राधिकारी प्रभात राय भी कोतवाली पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
प्रशासन की दलील
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में कानून व्यवस्था भंग हुई है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, शराब की दुकान में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। इसी आधार पर महिलाओं को हिरासत में लेकर मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि आबादी वाले क्षेत्र से शराब की दुकान को पूरी तरह हटाया जाए और हिरासत में ली गई महिलाओं को रिहा किया जाए। उनका कहना है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि शराब की दुकान को लेकर प्रशासन क्या अंतिम फैसला लेता है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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