आरटीई आवेदन निरस्तीकरण पर बढ़ी हलचल, अभिभावकों में असमंजस
ज्ञानपुर।
आरटीई के तहत बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने के बाद जिले में अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्हें आवेदन निरस्त होने का स्पष्ट कारण पोर्टल पर नहीं दिख पाया, जिससे वे आगे की प्रक्रिया को लेकर असहज हैं। वहीं शिक्षा विभाग का दावा है कि सभी निरस्तीकरण निर्धारित मानकों और ऑनलाइन सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर किए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आवेदन निरस्तीकरण के प्रमुख कारणों में आय प्रमाण पत्र में त्रुटि, निवास/वार्ड संबंधी मानक, आयु मानक पूरा न होना, तथा दस्तावेजों का अपूर्ण होना शामिल है। खासतौर पर वार्ड से संबंधित नियमों के कारण बड़ी संख्या में आवेदन अमान्य पाए गए।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगी, जिससे किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश न रहे। लॉटरी के बाद जिन बच्चों का चयन होगा, उन्हें एसएमएस और पोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को निर्धारित तिथि के भीतर आवंटित विद्यालय में संपर्क कर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
इस बीच, निरस्त आवेदनों को लेकर शिकायतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी आवेदन में तकनीकी त्रुटि या मानवीय भूल सामने आती है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विभाग का यह भी कहना है कि आरटीई के मानकों में किसी प्रकार की शिथिलता संभव नहीं है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने दोहराया कि आरटीई का उद्देश्य सही और वास्तविक पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और भविष्य के चरणों में आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और पूर्ण रूप से अपलोड करें।
बताया जा रहा है कि पहले चरण के बाद भी आरटीई के तहत दूसरा और तीसरा चरण प्रस्तावित है, जिसमें शेष रिक्त सीटों पर दोबारा आवेदन का अवसर मिलेगा। ऐसे में जिन अभिभावकों के आवेदन इस चरण में निरस्त हुए हैं, उन्हें आगामी चरणों में फिर से मौका मिल सकता है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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