कोडीन कफ सिरप नेटवर्क: जांच में सामने आए नए चौंकाने वाले तथ्य
जांच का दायरा कई राज्यों तक फैला
कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले की जांच अब सिर्फ भदोही या वाराणसी तक सीमित नहीं रही। एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, झारखंड और अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। सप्लाई चेन में फार्मा कंपनियों, थोक विक्रेताओं और रिटेल मेडिकल स्टोरों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे हुई खरीद-बिक्री
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कफ सिरप की खरीद-बिक्री के लिए
-
फर्जी बिल,
-
गलत स्टॉक रजिस्टर,
-
और हेरफेर किए गए बिक्री रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया।
कई फर्मों ने सिरप को सामान्य दवा बताकर बेचा, जबकि वह प्रतिबंधित श्रेणी में आता है।
किशोरों और युवाओं तक पहुंचा नशा
सूत्रों के मुताबिक, अवैध रूप से बेचे गए कोडीनयुक्त कफ सिरप का इस्तेमाल
-
नशे के रूप में,
-
और सिरप को अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर
किया जा रहा था। इससे युवाओं और किशोरों में नशे की लत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईडी की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
-
बैंक खातों की जांच
-
संदिग्ध लेन-देन
-
और प्रॉपर्टी निवेश
को खंगाला जा रहा है। जल्द ही कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
इनामी घोषित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए
-
भदोही
-
वाराणसी
-
आजमगढ़
-
सोनभद्र
और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को शक है कि कुछ आरोपी नेपाली बॉर्डर की ओर भागने की फिराक में भी थे।
लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
औषधि विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होते ही
-
दोषी फर्मों के ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे
-
भविष्य में किसी भी प्रकार का मेडिकल कारोबार करने पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि
“नशे से जुड़े कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितनी ही प्रभावशाली क्यों न हो।”
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
