आईआईसीटी में राजकीय महाविद्यालय के छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण, सीखी कालीन उद्योग की नई तकनीकें

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शैक्षणिक भ्रमण पर आईआईसीटी पहुंचा राजकीय महाविद्यालय का छात्र दल
भदोही। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय द्वारा नवाचार परिषद (Institution’s Innovation Council – IIC) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शैक्षणिक भ्रमण में सोमवार को महाविद्यालय के चुनिंदा विद्यार्थियों ने भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (IICCT) की कार्यप्रणालियों और तकनीकी कौशल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुभव और उद्योग जगत की नई तकनीकों से रूबरू होने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।


कैसे की गई शुरुआत—प्राचार्या ने दिखाई हरी झंडी

सुबह महाविद्यालय परिसर में सभी छात्र-छात्राओं को एकत्रित किया गया। प्राचार्या डॉ. माया यादव ने दल को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि “उद्यमशीलता तभी जन्म लेती है जब विद्यार्थी नए प्रयोगों, नई तकनीकों और वास्तविक कार्य प्रणालियों से परिचित होते हैं। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और करियर उन्मुख दृष्टिकोण विकसित करते हैं।”


आईआईसीटी परिसर में हुआ गर्मजोशी से स्वागत

आईआईसीटी पहुंचने पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने छात्र दल का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की भूमिका, उपलब्धियों और भारतीय कालीन उद्योग में इसके योगदान के बारे में संक्षिप्त परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि “भदोही विश्व के प्रमुख कालीन उत्पादन केंद्रों में से एक है। यहां के युवाओं को तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ना उनकी प्रतिभा को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”


अत्याधुनिक लैब्स का विस्तृत भ्रमण: मशीनों से मिली नई सीख

विद्यार्थियों को तकनीकी विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की देखरेख में विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया।

1. वर्कशॉप यूनिट

छात्रों ने यहां कालीन निर्माण से जुड़ी बेसिक मशीनें, धागा तैयार करने की तकनीक और उपकरणों की कार्यप्रणाली देखी।

2. ईको टेस्टिंग लैब

यहां छात्रों को बताया गया कि किस प्रकार कालीनों में उपयोग होने वाले रंग और रसायन पर्यावरण के अनुकूल हैं या नहीं, इसकी जांच की जाती है।

3. केमिकल टेस्टिंग लैब

रंगाई में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की गुणवत्ता, सुरक्षा और टिकाऊपन की वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया समझाई गई।

4. फिजिकल टेस्टिंग लैब

यहां छात्र कालीन की मजबूती, वजन, लोच, टिकाऊपन और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग से परिचित हुए।

5. टेक्सटाइल प्रोसेसिंग यूनिट

छात्रों ने रंगाई की आधुनिक मशीनें, धागे की प्रक्रिया, फाइबर एनालिसिस और धागे की गुणवत्ता जांच को वास्तविक रूप में देखा।

6. डिजाइन और ड्राइंग लैब

यह केंद्र छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का विषय रहा। वैज्ञानिकों ने डिजिटल डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर, हैंड-ड्राइंग तकनीक और 3D डिजाइन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।


इनक्यूबेशन सेंटर: स्टार्टअप संस्कृति से परिचय

इनक्यूबेशन सेंटर में उपलब्ध आधुनिक मशीनों, डिजिटल उपकरणों, हाई-टेक डिजाइन सिस्टम और नए स्टार्टअप्स को मिलने वाली तकनीकी सहायता के बारे में गहन जानकारी दी गई।
यहां छात्रों को बताया गया कि कालीन उद्योग में नवाचार, डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक अनुसंधान कैसे नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।


वैज्ञानिकों ने दी कालीन उद्योग की गहराई से जानकारी

संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. बी.डी. गुप्ता, बी.सी. रे और डॉ. श्रवण कुमार गुप्ता ने छात्रों को पारंपरिक कालीन निर्माण से लेकर आधुनिक डिजिटल तकनीकों और वैश्विक बाजार की मांग तक का विस्तृत ज्ञान प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि—

  • भारतीय कालीनों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या विशेषताएं हैं

  • वैज्ञानिक टेस्टिंग से कैसे गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है

  • वैश्विक बाजार में किस तरह के डिजाइन और धागों की मांग बढ़ रही है


भ्रमण दल के नेतृत्वकर्ता शिक्षक

भ्रमण दल का नेतृत्व इनोवेशन एंबेसडर डॉ. रुस्तम अली, डॉ. आशीष जायसवाल और डॉ. अमित तिवारी ने किया।
इन शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तकनीकी पहलुओं, उद्यमशीलता, नवाचार संस्कृति और करियर निर्माण के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।


छात्रों के अनुभव—“सीखा बहुत कुछ, देखा उससे ज्यादा”

भ्रमण में शामिल छात्रों ने इस अनुभव को अत्यंत उपयोगी बताया। कई छात्रों ने कहा कि—

  • उन्होंने पहली बार इतने बड़े और तकनीकी रूप से सुसज्जित संस्थान को देखा।

  • कालीन उद्योग की वैज्ञानिक प्रक्रिया उनके लिए बिल्कुल नई और रोमांचक थी।

  • इस भ्रमण ने उनके अंदर स्टार्टअप और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत किया।


महाविद्यालय प्रशासन ने जताया आभार

भ्रमण के सफल आयोजन पर महाविद्यालय प्रशासन ने आईआईसीटी के निदेशकों एवं वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे औद्योगिक व तकनीकी भ्रमण जारी रखने की घोषणा की।


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Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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