इंदौर: नवविवाहित जोड़े की कहानी बनी क्राइम थ्रिलर, पत्नी ने प्रेमी संग रचा कत्ल का खौफनाक खेल — गाजीपुर के ढाबे से हुई सोनम की गिरफ्तारी
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को पूरे धूमधाम से सोनम से हुई थी। दोनों परिवार इस रिश्ते से बेहद खुश थे। किसी को क्या पता था कि यह रिश्ता एक खूबसूरत जीवन की शुरुआत नहीं, बल्कि एक दर्दनाक और धोखे भरे अंत की भूमिका थी।
शादी के चंद दिन बाद ही, 20 मई को सोनम और राजा हनीमून के लिए मेघालय के शिलॉंग रवाना हो गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था। दोनों अपने-अपने परिवार को समय-समय पर अपडेट देते रहे। लेकिन 24 मई से अचानक दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। संपर्क टूटते ही चिंता की लहर परिवारों में दौड़ गई।
राजा के भाई विपिन और सोनम के भाई गोविंद ने मेघालय जाकर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस को भी सूचित किया गया। इस बीच, 2 जून को मेघालय की एक खाई में राजा रघुवंशी की लाश मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—राजा की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई थी।
सोनम के लापता होने पर लगे थे अपहरण के कयास
राजा की मौत के बाद जब सोनम भी लापता रही, तो लोगों ने आशंका जताई कि कहीं उसका अपहरण तो नहीं हुआ? अफवाहें फैलीं कि उसे नेपाल सीमा के पास अगवा करके रखा गया हो सकता है। 17 दिनों तक सोनम का कोई अता-पता नहीं चला।
फिर आया गाजीपुर से बड़ा मोड़
9 जून की तड़के करीब 3 बजे सोनम ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि वह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में वाराणसी-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर स्थित काशी ढाबे पर है। यह कॉल उसकी गिरफ्तारी की कड़ी बन गया।
सोनम को फोन देने वाला और उसकी सूचना देने वाला कोई और नहीं, बल्कि वही ढाबा मालिक था—साहिल यादव। साहिल ने बताया कि रविवार देर रात करीब 1 बजे एक घबराई हुई युवती उनके ढाबे पर आई। उसने कहा कि उसे घर फोन करना है। उसकी हालत देखकर साहिल ने उसे अपना मोबाइल दे दिया। फोन पर बात करने के बाद भी वह काफी बदहवास दिख रही थी, इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
“मैं वही सोनम हूं”—ढाबे पर कबूला सच
पुलिस मौके पर पहुंची और जब पूछताछ की गई, तो सोनम ने चौंकाने वाला खुलासा किया—”मैं मध्यप्रदेश के चर्चित केस, सोनम-राजा रघुवंशी की सोनम हूं।” इतना सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। साहिल यादव ने बताया कि सोनम अकेले आई थी और उसने बताया कि वह बस से उतरी है।
यूपी पुलिस ने नहीं की पूछताछ, मेघालय पुलिस को सौंपी जाएगी
सोनम को पुलिस ने तुरंत गाजीपुर के एक अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई और फिर उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने पुष्टि की कि यूपी पुलिस ने सोनम से कोई पूछताछ नहीं की है और उसे मेघालय पुलिस को सौंपा जाएगा, जो पहले से इंदौर में मौजूद थी।
आत्मसमर्पण या रणनीति?
सूत्रों के मुताबिक सोनम ने गाजीपुर के नंदगंज थाने में आत्मसमर्पण जैसा कदम उठाया, जिससे स्थानीय प्रशासन भी चौंक गया। पूछताछ के दौरान वह किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे रही थी, बस अपने भाई से बात करने की जिद कर रही थी।
मेघालय पुलिस का बड़ा दावा
मेघालय पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है—राजा की हत्या कोई आवेश में उठाया गया कदम नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी, योजनाबद्ध साजिश थी। इस साजिश में सोनम के साथ कुल चार लोग शामिल थे। हत्या के बाद सोनम फरार हो गई थी और 17 दिन तक पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही।
अब सवाल यह उठता है:
- सोनम शिलॉंग से 1188 किलोमीटर दूर गाजीपुर तक कैसे पहुंची?
- उसने इस बीच कहां-कहां शरण ली?
- और उसके साथ इस साजिश में कौन-कौन शामिल था?
पुलिस इन सभी सवालों की तह तक जाने के लिए सोनम से आगे की पूछताछ करेगी। यह केस अब एक साधारण मर्डर मिस्ट्री नहीं रहा, बल्कि एक हाई-प्रोफाइल क्राइम थ्रिलर बन चुका है—जिसका अगला अध्याय देश भर की निगाहों में है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.
