आगरा: पूर्व सैनिक की पत्नी को जिंदा जलाने वाले पड़ोसी दंपती समेत चार को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
आगरा: ताजगंज के पुष्पांजलि ईको सिटी में पांच साल पहले हुई दर्दनाक वारदात में, पूर्व सैनिक अनिल कुमार राजावत की पत्नी संगीता राजावत को जिंदा जलाने के आरोप में अगरा की अदालत ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साथ ही 2.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से 2 लाख रुपये वादी अनिल कुमार को दिलाने का आदेश दिया गया।
घटना का विवरण
अक्टूबर 2020 में अनिल कुमार के बेटे आयुष और सोसाइटी अध्यक्ष भरत खरे के बेटे के बीच खेल के दौरान मामूली विवाद हुआ। यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों परिवारों को बुलाया और समझौते की कोशिश की।
बाद में मोहल्ले की पंचायत में मामला सुलझाने का प्रयास किया गया। इसमें अनिल की पत्नी संगीता ने सभी आरोपियों के पैर छूकर माफी मांगी और विवाद को समाप्त करने की कोशिश की। लेकिन पंचायत के दौरान कथित रूप से भरत खरे ने समझौते के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग कर दी। इस मांग को अन्य लोगों ने अस्वीकार कर दिया और पंचायत बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।
क्रूर वारदात
समझौते के असफल होने के बाद आरोपियों ने संगीता पर केरोसिन डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस दौरान अनिल कुमार ने अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ भी झुलस गए। संगीता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
अदालत की सुनवाई
अदालत में मामले की पुष्टि के लिए वादी अनिल कुमार, गवाह वंदना शर्मा, डॉ. श्रीधर शर्मा, दरोगा मुकेश कुमार चतुर्वेदी, डॉ. आदित्य आनंद, एसओ नरेंद्र कुमार और एसओ उमेशचंद त्रिपाठी को पेश किया गया। एडीजे-15 राजीव कुमार पालीवाल ने सुनवाई के बाद दोषियों में भरत खरे, उनकी पत्नी सुनीता खरे, कपिल श्रीवास्तव और सोनू सक्सेना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत का आदेश और जुर्माना
कोर्ट ने दोषियों को 2.10 लाख रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया, जिसमें से 2 लाख रुपये वादी को दिलाने का निर्देश भी शामिल है।
केस की प्रमुख बातें
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घटना की शुरुआत बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से हुई।
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पंचायत और समझौते के प्रयास के बावजूद आरोपियों ने हिंसक कदम उठाया।
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अदालत ने सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि पड़ोसी विवादों को हल करने का प्रयास विफल नहीं रहना चाहिए और हिंसा की कोई जगह नहीं है।
इस मामले ने आगरा में मोहल्ले की सुरक्षा और पड़ोसियों के बीच संबंधों की नाजुकता पर एक बार फिर से प्रकाश डाला है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

