भारत में दूसरी दुग्ध क्रांति की शुरुआत, NDDB ने रखा रोज 10 करोड़ लीटर दूध खरीदने का लक्ष्य

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दूसरी दुग्ध क्रांति: रोजाना 10 करोड़ लीटर दूध खरीदने का लक्ष्य, किसानों को मिलेंगी नई सुविधाएं

नई दिल्ली/केरल: भारत अब ‘दूसरी दुग्ध क्रांति’ की तैयारी में है। इसका उद्देश्य देश की दूध सहकारी समितियों (Milk Cooperatives) को और मजबूत बनाना और अधिक किसानों को इस नेटवर्क से जोड़ना है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन मिनेश सी. शाह ने बताया कि इस पहल के जरिए भारत में सहकारी समितियों के माध्यम से दूध की खरीद 10 करोड़ लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।


किसानों को मिलेगी नई ताकत

शाह ने कहा कि वर्तमान में देश के 8 करोड़ से अधिक किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हैं। इन किसानों ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने केरल में आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार में कहा:

“दूसरी दुग्ध क्रांति का मकसद केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि दूध सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाना है।”

यह योजना दूध उत्पादन, गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता तीनों में सुधार पर केंद्रित है।


दूध की मिलावट पर सख्ती और संगठित बाजार पर जोर

NDDB की यह पहल दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने की दिशा में भी काम करेगी। शाह ने कहा कि अभी केवल 32-35% दूध का बाजार संगठित है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसका लाभ सीधे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा।


मिलमा (MILMA) का विस्तार और भविष्य के लक्ष्य

केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMF) यानी मिलमा (MILMA) के चेयरमैन के. एस. मणि ने बताया:

  • वर्ष 2024-25 में मिलमा का कुल कारोबार ₹4,327.24 करोड़ रहा।

  • 2030 तक इसका लक्ष्य ₹10,052 करोड़ वार्षिक कारोबार का है।

  • हर साल 15% वृद्धि दर के साथ यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

मणि ने नई परियोजनाओं के बारे में बताया, जिनसे सहकारी समितियों को सशक्त बनाना और दूध उत्पादन व गुणवत्ता सुधारना दोनों संभव होगा। भविष्य में मिलमा के उत्पाद क्रूज़ शिप, बंदरगाह और हवाई अड्डों पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, कोच्चि मेट्रो के 25 स्टेशनों पर वेंडिंग मशीनें लगाने की योजना है।


केरल: भारत का अगला सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य

केरल की पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री जे. चिन्चुराणी ने उद्घाटन के दौरान कहा:

“केरल के पास भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य बनने की क्षमता है।”

राज्य सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुधारने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

  • भूमि की कमी के कारण पशु चारे की समस्या है।

  • चरागाह क्षेत्र का विस्तार करके इस चुनौती को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

  • मंत्री ने कहा:

“हमें दूध उत्पादन की लागत घटानी होगी और उत्पादकता बढ़ानी होगी। टिकाऊ विकास तभी संभव है जब किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें और विपणन नेटवर्क को मजबूत बनाएं।”


दूसरी दुग्ध क्रांति का बड़ा महत्व

  • यह योजना केवल दूध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय मिशन है।

  • यदि समय पर लागू हो, तो भारत दूध उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।


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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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