नीति आयोग ने डीप-सी मत्स्य पालन के लिए सुझाया 9,000 करोड़ रुपये का निवेश
नई दिल्ली: भारत के मत्स्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने वाला है। नीति आयोग (NITI Aayog) ने अपनी नई रिपोर्ट “India’s Blue Economy: Strategy for Harnessing Deep-Sea and Offshore Fisheries” में सरकार से गहरे समुद्र (Deep-Sea) में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अगले 15 वर्षों में लगभग 9,000 करोड़ रुपये के निवेश की सिफारिश की है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि इस क्षेत्र के लिए एक अलग योजना (Dedicated Scheme) बनाई जाए।
नीति आयोग का मानना है कि अगर सरकार नीति, संस्थागत ढांचा, तकनीकी क्षमता और निवेश को साथ लेकर काम करती है, तो भारत वैश्विक डीप-सी फिशरीज शक्ति बन सकता है। इससे न केवल मछली और मत्स्य उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा, बल्कि तटीय क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।
भारत के मत्स्य क्षेत्र की स्थिति
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भारत ने 2023-24 में मछली और मत्स्य उत्पादों से 60,523 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जो 2013-14 के 30,213 करोड़ रुपये से दोगुना है।
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भारत में अभी भी गहरे समुद्री मत्स्य पालन की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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वर्तमान में भारत के पास केवल चार डीप-सी फिशिंग वेसल्स हैं, जबकि श्रीलंका के पास 1,883 और ईरान के पास 1,216 जहाज हैं।
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भारत के पास 11,098 किलोमीटर लंबा तट और 200 नॉटिकल माइल तक का एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) है। इस EEZ में ट्यूना, बिलफिश और झींगा जैसी उच्च मूल्य वाली मछलियों का विशाल भंडार मौजूद है। EEZ की कुल मत्स्य उत्पादन क्षमता 7.16 मिलियन टन आंकी गई है।
डीप-सी मत्स्य पालन का विकास मॉडल
नीति आयोग ने तीन चरणों में डीप-सी मत्स्य पालन के विकास की रूपरेखा दी है:
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2025-2028: बुनियादी ढांचा और शुरुआती विकास की तैयारी
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2029-2032: उत्पादन और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए स्केलअप
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2033-2041: भारत को डीप-सी मत्स्य पालन में वैश्विक नेतृत्व तक पहुंचाना
नीति आयोग की प्रमुख सिफारिशें
नीति और नियमन
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अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जिम्मेदार मत्स्य पालन के लिए स्पष्ट नियम बनाना
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नया नियामक कानून बनाना जो UNCLOS मानकों के अनुरूप हो
संस्थागत क्षमता और अनुसंधान
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डीप-सी मत्स्य पालन के लिए नई एजेंसियों और अनुसंधान केंद्रों का निर्माण
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प्रशिक्षित मानव संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता का विकास
बेड़े का आधुनिकीकरण
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डीप-सी मत्स्य पालन के लिए बेड़े का विस्तार और आधुनिक तकनीक से लैस करना
सतत मत्स्य प्रबंधन
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संसाधनों की क्षमता और स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए लाइसेंसिंग और पंजीकरण नीतियां लागू करना
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सतत मत्स्य प्रबंधन के लिए निगरानी और डेटा संग्रह बढ़ाना
वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था
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Deep-Sea Fishing Development Fund का गठन
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PM मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) और निजी क्षेत्र से वित्तीय सहायता
हितधारकों की भागीदारी
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सभी समुद्री राज्यों, मत्स्य विभाग और निजी एजेंसियों की समन्वित भागीदारी
नई योजनाएं और एजेंसियां
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मत्स्य विभाग के तहत डीप-सी और ऑफशोर फिशरीज के लिए डेडिकेटेड एजेंसी या निदेशालय
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Deep-Sea Fishing Programme (DSFP): सभी समुद्री राज्यों और एजेंसियों को शामिल करना
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Deep-Sea Fishing Development Fund: वित्तीय सहायता के लिए
नीति आयोग के अनुसार, इन कदमों से भारत की डीप-सी मत्स्य पालन क्षमता वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगी और देश इस क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ तालमेल बैठा सकेगा।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

