सितंबर से शुरू हो सकता है अभोली सीएचसी का संचालन, डेढ़ से दो लाख लोगों को मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात
अभोली (भदोही)। वर्षों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की मांग कर रहे अभोली क्षेत्र के लोगों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। जिले के सातवें सीएचसी के रूप में तैयार हो रहे अभोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की तैयारी शुरू कर दी है। यदि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो गईं तो सितंबर 2026 से अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने की संभावना है।
अस्पताल के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर कार्यरत डॉक्टरों, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची तलब की है। शुरुआती चरण में इन्हीं केंद्रों से स्वास्थ्यकर्मियों की अस्थायी तैनाती कर अस्पताल का संचालन शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक चिकित्सा उपकरण, पैथोलॉजी जांच मशीनें, फर्नीचर और अन्य आवश्यक संसाधनों की मांग शासन को भेजी जा चुकी है।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
अभोली और आसपास के गांवों के लोगों को अभी तक इलाज के लिए ज्ञानपुर, सुरियावां, दुर्गागंज या जिला अस्पताल तक जाना पड़ता है। गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना के शिकार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार लंबी दूरी तय करने के कारण मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
अस्पताल शुरू होने के बाद अभोली ब्लॉक सहित आसपास के करीब डेढ़ से दो लाख लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा तथा प्राथमिक एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
16 वर्षों बाद साकार होने जा रहा सपना
अभोली सीएचसी के निर्माण को वर्ष 2009 में शासन से स्वीकृति मिली थी और 2010 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। उस समय निर्माण के लिए 3 करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था और विभागीय स्तर पर लगातार हुई देरी के कारण परियोजना वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। भवन तो बन गया, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं हो सका।
बाद में वर्ष 2024 में शासन ने अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और अब भवन, प्लास्टर, फिनिशिंग तथा अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे हो चुके हैं। फिलहाल केवल आवासीय भवनों का निर्माण शेष है, जिसे शीघ्र पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
पहले चरण में तीन डॉक्टर, साथ में इमरजेंसी सेवा
स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार अस्पताल के पहले चरण में दो एमबीबीएस डॉक्टर और एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स तथा अन्य कर्मचारियों की भी व्यवस्था की जाएगी।
विशेष बात यह है कि अस्पताल में शुरुआत से ही ओपीडी और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाओं का संचालन करने की तैयारी है। विभाग के अनुसार जिले में पर्याप्त संख्या में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन सेवाओं को बिना किसी बाधा के शुरू किया जा सकेगा।
स्थायी नियुक्ति तक रहेगी अस्थायी व्यवस्था
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन से स्थायी पदों पर नियुक्ति होने तक जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारियों को अस्थायी रूप से अभोली सीएचसी में तैनात किया जाएगा। जैसे ही स्थायी नियुक्तियां हो जाएंगी, इन कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल पर वापस भेज दिया जाएगा।
सीएमओ ने दिए संचालन के संकेत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. चक ने बताया कि अभोली सीएचसी का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण, प्लास्टर और फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में है। जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में तैनात कर्मचारियों की सूची मंगाई गई है, जिसके आधार पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अस्पताल के लिए आवश्यक उपकरणों और जांच मशीनों की मांग भी शासन को भेज दी गई है। विभाग का प्रयास है कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द अभोली सीएचसी को जनता के लिए शुरू कर दिया जाए।
क्षेत्रवासियों की बढ़ी उम्मीदें
अस्पताल शुरू होने की खबर से अभोली और आसपास के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि वर्षों से इस अस्पताल के शुरू होने का इंतजार था। यदि सितंबर से सेवाएं शुरू हो जाती हैं तो हजारों मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

