सावन की तैयारियां तेज: वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर बंद होने लगे कट, लोगों को लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
कौलापुर/भदोही। सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर वाराणसी-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हाईवे प्राधिकरण ने उत्तरी लेन पर बने कटों को बंद करने का कार्य तेज कर दिया है। मुख्य बाजारों को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर बोल्डर लगाकर कट बंद किए जा चुके हैं। इसके चलते स्थानीय लोगों, किसानों और व्यापारियों को बाजारों तक पहुंचने या हाईवे पार करने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
हर वर्ष सावन में बड़ी संख्या में कांवड़िए वाराणसी की ओर जलाभिषेक के लिए निकलते हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी-प्रयागराज हाईवे की उत्तरी लेन को कांवड़ मार्ग के रूप में आरक्षित किया जाता है। इस दौरान सामान्य वाहनों की आवाजाही दक्षिणी लेन से कराई जाती है। इसी व्यवस्था को लागू करने के लिए हाईवे पर बने कटों को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है, ताकि अनावश्यक क्रॉस मूवमेंट रोका जा सके और दुर्घटनाओं की संभावना कम रहे।
इस बार हाईवे प्राधिकरण ने सामान्य से पहले तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां पहले सावन शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले कट बंद किए जाते थे, वहीं इस वर्ष करीब 15 दिन पहले ही बोल्डर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस बार कांवड़ यात्रा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
हंडिया-राजातालाब खंड पर वाराणसी-प्रयागराज हाईवे में करीब 40 कट बने हुए हैं। इनमें गोपीगंज और औराई जैसे प्रमुख बाजारों के कटों को फिलहाल खुला रखा गया है, जबकि अन्य अधिकांश स्थानों पर बोल्डर लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में मुख्य बाजारों के पास भी आवश्यकतानुसार कट बंद कर दिए जाएंगे।
कट बंद होने का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ रहा है। जिन रास्तों से लोग कुछ मिनटों में बाजार या दूसरी ओर पहुंच जाते थे, अब उन्हें कई किलोमीटर घूमकर निर्धारित यू-टर्न या खुले कट तक जाना पड़ रहा है। इससे समय, ईंधन और परिवहन लागत तीनों बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि लंबे समय तक यही व्यवस्था रही तो बाजारों में ग्राहकों की संख्या पर भी असर पड़ सकता है।
लालानगर टोल प्लाजा पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। सावन के दौरान टोल पार करने वाले वाहनों के लिए अलग रूट तैयार किया जाएगा, ताकि टोल वसूली और यातायात संचालन बिना बाधा के चलता रहे। टोल पार करने के बाद वाहनों को लगभग एक किलोमीटर आगे ले जाकर दक्षिणी लेन पर भेजने की व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग, संकेतक और सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए हाईवे पर वाहनों की गति, मार्ग परिवर्तन और कट बंद करने जैसी व्यवस्थाएं पहले से लागू की जा रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें और यातायात नियमों का पालन करें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
हाईवे प्राधिकरण के रखरखाव विभाग के आरई शेषनाथ यादव ने बताया कि सावन माह को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य हाईवे पर उत्तरी लेन में प्रवेश प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मुख्य बाजारों के पास भी जल्द बोल्डर लगाकर कट बंद कर दिए जाएंगे। पूरे सावन माह के दौरान सामान्य वाहनों का संचालन केवल दक्षिणी लेन से कराया जाएगा, जबकि उत्तरी लेन कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षित रखी जाएगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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