10 साल तक पुलिस की वर्दी पहनकर ठगता रहा आजाद सिंह, फर्जी सिपाही से बन गया फर्जी दरोगा

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पहले 5 साल फर्जी सिपाही, फिर प्रमोशन लेकर ‘दारोगा’… 10 साल तक वर्दी पहनकर लोगों को ठगता रहा आजाद सिंह

✍️ भारत क्रांति न्यूज़ डेस्क


10 साल का फर्जी खेल – असली पुलिस भी रह गई हैरान

कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने पूरे 10 साल तक पुलिस की वर्दी पहनकर सबको बेवकूफ बनाया। कौशांबी जिले का रहने वाला आजाद सिंह जादौन पहले खुद को सिपाही बताकर ठगी करता रहा और फिर ‘प्रमोशन’ लेकर फर्जी दरोगा बन गया।

शादी, ससुराल, पत्नी, यहां तक कि अपने साले तक को उसने इस नाटक में शामिल कर लिया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल का खुलासा एक दशक बाद हुआ।


2015 में शुरू हुआ था नाटक

  • साल 2015 में आजाद ने खुद को सिपाही घोषित किया।

  • थाने के पास किराए पर कमरा लिया और रोज वर्दी पहनकर निकलता।

  • आसपास के लोग उसे असली पुलिसकर्मी समझने लगे।

  • छोटी-मोटी दबंगई और झांसे देकर उसने पहचान बना ली।


2020 में ‘प्रमोशन’ पाकर बना फर्जी दरोगा

  • पांच साल बाद नई वर्दी और नकली बैज लगाकर खुद को दरोगा बताना शुरू किया।

  • अब उसने सिर्फ दबंगई नहीं, बल्कि गाड़ियों से वसूली और पुलिस भर्ती कराने के नाम पर लाखों की ठगी करनी शुरू कर दी।

  • धीरे-धीरे उसका फर्जी साम्राज्य बढ़ने लगा।


शादी भी फर्जी पहचान पर

2019 में सजेती क्षेत्र के अमोली गांव निवासी जयवीर सिंह ने अपनी बेटी सुजाता की शादी उससे कर दी।

  • परिवार को गर्व था कि उनकी बेटी असली पुलिस अधिकारी की पत्नी बनी है।

  • सुजाता भी सालों तक यही मानती रही कि उसका पति दरोगा है।

  • हर बार पूछने पर आजाद कहता – “मुझे स्पेशल जांच पर रखा गया है, इसलिए थाने नहीं जाता।”


साले को भी बना लिया साथी

आजाद ने अपने साले सौरभ सिंह को भी अपने खेल में शामिल कर लिया।

  • उसे गाड़ी पर बैठाकर सड़कों पर वसूली करने लगा।

  • गांव और इलाके में यह खबर फैल गई कि जयवीर सिंह का दामाद दरोगा है।

  • लोग उसे सलाम करने लगे और उसकी ‘इज्जत’ करने लगे।


चोरी की जांच में खुला राज

हाल ही में सजेती में चोरी की वारदात हुई।

  • जांच के दौरान थानेदार अवधेश सिंह को ग्रामीणों ने बताया कि एक ‘दरोगा’ इलाके में गाड़ियों से वसूली करता है।

  • जब रिकॉर्ड चेक किया गया तो पता चला कि उस नाम का कोई भी दरोगा पोस्टेड ही नहीं है।

  • शक गहराया और आजाद सिंह को चौकी बुलवाया गया।


घर से निकली नकली वर्दियां

  • आजाद बाकायदा वर्दी पहनकर साले के साथ चौकी पहुंचा।

  • उसकी हरकतों पर पुलिस को शक हुआ।

  • तलाशी में नकली वर्दियां, बेल्ट और पुलिस से जुड़े कई सामान बरामद हुए।

  • पूछताछ में उसने सबकुछ कबूल कर लिया।


गिरफ्तारी और सनसनी

  • पुलिस ने आजाद सिंह और उसके साले सौरभ को गिरफ्तार कर लिया।

  • पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह 2015 से फर्जी सिपाही और 2020 से फर्जी दरोगा बनकर ठगी कर रहा था।

  • ससुराल और गांव दोनों जगह सनसनी फैल गई।

सुजाता के पिता जयवीर सिंह ने कहा –

“हमें गर्व था कि बेटी दरोगा के घर गई है। अब लगता है कि हम सबसे बड़े धोखे में रहे।”

गांव के लोग भी दबी जुबान में कह रहे हैं –

“हम वर्दी देखकर अंधे हो गए। किसी ने कभी कागज या पहचान पूछने की जरूरत ही नहीं समझी।”


पुलिस की अपील

पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वर्दी देखकर किसी पर भरोसा न करें, हमेशा उसकी पहचान और दस्तावेज जांचें।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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