ठेले पर पिता का शव रखकर मदद मांगते रहे मासूम, इंसानियत की मिसाल पेश की दो मुस्लिम भाइयों ने
महराजगंज (नौतनवा): उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में नौतनवा क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। छह महीने पहले मां की मौत के बाद तीन मासूम बच्चे अपने पिता लव कुमार पटवा के अंतिम संस्कार के लिए ठेले पर शव रखकर दो दिन तक भटकते रहे।
यह दर्दनाक दृश्य इंसानियत की कमी को उजागर करता है, लेकिन अंत में दो मुस्लिम भाइयों ने हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराकर समाज के लिए एक मिसाल पेश की।
मां के निधन के बाद पिता का निधन और बच्चों की मजबूरी
राजेंद्र नगर निवासी लव कुमार पटवा लंबे समय से बीमार थे। उनकी पत्नी का देहांत छह माह पहले हो चुका था। पिता की मौत के बाद उनके तीन बच्चे – 14 वर्षीय राजवीर, 10 वर्षीय देवराज और उनकी छोटी बहन – पूरी तरह अकेले रह गए।
पिता की मौत के बाद बच्चों को उम्मीद थी कि रिश्तेदार या पड़ोसी मदद करेंगे, लेकिन किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया। मजबूरी में बच्चों ने पिता का शव ठेले पर रखकर श्मशान घाट और कब्रिस्तान तक पहुंचाने का निर्णय लिया।
घाट और कब्रिस्तान से लौटाया गया बच्चों को
बच्चे जब श्मशान घाट पहुंचे तो लकड़ी की कमी के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो सका। फिर कब्रिस्तान ले गए, लेकिन वहां भी उन्हें रोक दिया गया क्योंकि शव हिन्दू धर्म का था।
ठेले पर शव और रोते-बिलखते मासूम बच्चों का दृश्य देखकर राहगीरों की आंखें नम हो गईं, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। बच्चों ने मजबूरी में लोगों के सामने भीख मांगनी शुरू कर दी, लेकिन लोग इसे नया ट्रेंड कहकर नजरअंदाज करते रहे।
दो मुस्लिम भाइयों ने पेश की इंसानियत की मिसाल
इस दौरान नगर पालिका के बिस्मिल नगर वार्ड सभासद प्रतिनिधि राशिद कुरैशी और राहुल नगर वार्ड सभासद वारिस कुरैशी को घटना की जानकारी मिली। दोनों मौके पर पहुंचे और बच्चों की मदद करते हुए लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्री का इंतजाम किया।
दोनों भाइयों ने हिंदू रीति-रिवाज से लव कुमार पटवा का अंतिम संस्कार कराया और बच्चों को सुरक्षित घर तक छोड़कर लौटे।
राजवीर ने बताई आपबीती
राजवीर ने बताया, “हमने शव को ठेले पर रखा और मदद के लिए लोगों के पास गए। श्मशान घाट और कब्रिस्तान दोनों जगह से लौटाया गया। अंत में राशिद भाई आए और हिंदू रीति से पिता का अंतिम संस्कार करवाया। अब हमें संतोष है कि पिता को सम्मानजनक विदाई मिली।”
मदद करने वाले का बयान
राशिद कुरैशी ने कहा, “शाम को मुझे फोन आया कि छपवा तिराहे पर बच्चे ठेले पर शव रखकर मदद मांग रहे हैं। मौके पर पहुंचा तो शव पूरी तरह सड़ चुका था और दुर्गंध फैल रही थी। बच्चों को रोता देख इंसानियत के लिए तुरंत कदम उठाया और हिंदू रीति से अंतिम संस्कार कराया।”
समाज पर पड़ता संदेश
यह दर्दनाक घटना समाज को झकझोर गई। लोग अब मुस्लिम भाइयों की इंसानियत की सराहना कर रहे हैं, वहीं रिश्तेदारों और पड़ोसियों की बेरुख़ी तथा नगर पालिका की लापरवाही पर गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं।
इस घटना ने यह साफ कर दिया कि धर्म और मज़हब से ऊपर इंसानियत है, और मुश्किल वक्त में एक दूसरे की मदद करना ही असली मानवता है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


