सामूहिक दुष्कर्म मामले में झूठी गवाही का आरोप, 31 लोगों पर एफआईआर

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सामूहिक दुष्कर्म मामले में झूठी गवाही का आरोप, 31 लोगों पर एफआईआर; थाने से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

भदोही। जिले के ऊंज थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के एक पुराने मामले की जांच को प्रभावित करने और झूठे शपथ पत्र दाखिल करने के आरोप में 31 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता का आरोप है कि मामले में फर्जी शपथ पत्र तैयार कर आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। थाने से न्याय न मिलने पर उसने न्यायालय की शरण ली।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद ऊंज पुलिस ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

छह साल पुराने मामले में लगाए गंभीर आरोप

ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अनुसूचित जाति से है और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। महिला के मुताबिक, फूलचंद और मनोज कुमार से उसकी पुरानी रंजिश चली आ रही है।

पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2020 में मनोज कुमार, अरविंद और उसके एक सहयोगी ने घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद वर्ष 2020 में ऊंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

पीड़िता का आरोप है कि विवेचना के दौरान जांच अधिकारी ने आरोपियों के प्रभाव में आकर मनगढ़ंत कहानी तैयार की। उसके मुताबिक, मामले में झूठे तथ्यों के आधार पर फर्जी शपथ पत्र तैयार किए गए और आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

महिला का यह भी आरोप है कि उसका बयान लिए बिना और शपथ पत्रों में दर्ज तथ्यों की जांच किए बिना ही मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।

न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दोबारा शुरू हुई विवेचना

मामले में न्याय न मिलने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय में उसका बयान दर्ज किया गया और आदेश के बाद मामले की दोबारा विवेचना शुरू हुई।

पीड़िता का आरोप है कि दोबारा विवेचना के दौरान भी अभियुक्तों ने तत्कालीन अधिकारियों से राय-मशविरा कर बिना हस्ताक्षर और अधिवक्ता की पहचान के फर्जी शपथ पत्र तैयार करवाए। आरोप है कि 30 अक्टूबर 2021 को इन शपथ पत्रों को पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

महिला के मुताबिक, इन शपथ पत्रों की उचित जांच-पड़ताल किए बिना ही ऐसी रिपोर्ट तैयार की गई, जिससे अभियुक्तों को लाभ मिल सके। पीड़िता ने आरोप लगाया कि विवेचना अधिकारी ने शपथ पत्रों का समुचित अवलोकन किए बिना ही मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

कोर्ट के आदेश के बाद ऊंज पुलिस ने राजपति बिंद, रामकिशुन बिंद, मुनायक सरोज, संतोष कुमार, शिवनायक सरोज, नीरज, सूरज, दीपक, नंदलाल, प्रमोद सरोज, प्रदीप, अर्जुन, संत लाल, अमरनाथ, फूलचंद और मनोज कुमार समेत कुल 31 नामजद लोगों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

नामजद आरोपियों में नेंबू लाल, जब्बार, असगर अली निवासी पूरे विश्वनाथ, ऊंज, पवन कुमार निवासी गोपालापुर, कालकानगर, कोईरौना, ओमप्रकाश सिंह, बबलू यादव, राजेश कुमार विश्वकर्मा, राममोहन यादव निवासी शिवाजीनगर, प्रयागराज, राजू पटेल निवासी बाबा बाग, अल्लापुर, प्रयागराज, छोटू व कमलेश कुमार ठाकुर निवासी बागंबरी गद्दी, अल्लापुर, प्रयागराज, गौरव सिंह निवासी चरैया, प्रतापगढ़, बलराम निवासी बक्शी खुर्द, दारानगर, प्रयागराज, अजय कुमार निवासी अल्लापुर और रिंकू कन्नौजिया निवासी कच्ची सड़क, दारागंज नगर शामिल हैं।

एसपी बोले- जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने कहा कि यदि जांच में विवेचना अधिकारी की संलिप्तता भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नोट: पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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