बलिया में फ्लू के मरीजों में 60 फीसदी तक इजाफा, स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बलिया। मौसम में बदलाव के साथ जिले में सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ओपीडी में आने वाले करीब 60 फीसदी मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। प्रदेश के 57 जिलों में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
पांच दिनों में ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार 26 अगस्त को ओपीडी में 1037 मरीज पहुंचे थे। इसके बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती गई। 27 अगस्त को 1503, 29 अगस्त को 1682 और 31 अगस्त को करीब 2000 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। वहीं, एक सितंबर को ओपीडी में 1867 मरीजों का इलाज किया गया।
| तारीख | ओपीडी में मरीज |
|---|---|
| 26 अगस्त | 1037 |
| 27 अगस्त | 1503 |
| 29 अगस्त | 1682 |
| 31 अगस्त | 2000 |
| 1 सितंबर | 1867 |
फिजिशियन ओपीडी में प्रतिदिन करीब 500 मरीज देखे जा रहे हैं, जिनमें 250 से अधिक मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बाल रोग ओपीडी में भी बड़ी संख्या में बच्चे बुखार, खांसी और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स कम पाई गई हैं, हालांकि अधिकांश मरीजों की जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद कमजोरी की शिकायत बनी हुई है।
जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा नहीं
प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बलिया में भी निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि, जिले में फिलहाल स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बीमारी की पुष्टि में परेशानी आ रही है।
सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग चिकित्साधिकारियों को लगातार अलर्ट कर रहा है। ओपीडी में आने वाले संभावित मरीजों की निगरानी की जा रही है। अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन और आइसोलेशन बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध मरीजों की जांच आरटीपीसीआर लैब में कराने की तैयारी चल रही है। किट उपलब्ध होने और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण मिलने के बाद जांच शुरू की जाएगी।
संभावित फ्लू मरीजों के लिए बेड सुरक्षित
जिला अस्पताल के कोल्ड वार्ड और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संभावित फ्लू मरीजों के लिए बेड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं को बढ़ाया जाएगा।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
इन्फ्लुएंजा में बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर व मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकने और नियमित रूप से हाथ धोने की अपील की है। सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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