इलाज के बाद चाइल्ड लाइन को सौंपी गई, पुलिस जांच में जुटी**
भदोही।
देवनाथपुर से सटे बलभद्रपुर गांव में रविवार की रात मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जब पानी भरे सरसों के खेत में एक नवजात बच्ची रोती हुई मिली। ग्रामीणों की सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से बच्ची की जान बच सकी। इलाज के बाद हालत सामान्य होने पर बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब आठ बजे बलभद्रपुर गांव निवासी बलिराम गौतम की पत्नी सुनीता देवी खेत की ओर गई थीं। इसी दौरान उन्हें सरसों के खेत से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पानी भरे खेत में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई थी और रो रही थी।
सुनीता देवी ने बिना देर किए गांव के चौकीदार लालबहादुर गौतम को इसकी सूचना दी। चौकीदार ने तत्काल ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस को अवगत कराया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक ज्ञानपुर अंजनी कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नवजात को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
पुलिस द्वारा बच्ची को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भदोही ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल और सीएचसी भदोही के सीसीयू वार्ड में चिकित्सकों की निगरानी में नवजात का इलाज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ।
इलाज के बाद बच्ची की स्थिति सामान्य होने पर बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसे पालन-पोषण के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लेते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को किन परिस्थितियों में खेत में छोड़ा गया। प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार राय ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने सुनीता देवी की तत्परता और मानवता की सराहना की, जिनकी सूझबूझ से एक मासूम की जान बच सकी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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