1. भदोही: चक्रवाती बारिश से 546 गांवों में धान की फसल गिरी, 25 फीसदी पैदावार घटने की आशंका

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भदोही: चक्रवाती बारिश से 546 गांवों में धान की फसल गिरी, 25 फीसदी पैदावार घटने की आशंका

भदोही। बंगाल की खाड़ी से उठे अर्नब चक्रवात के प्रभाव से जिले में पिछले 40 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बृहस्पतिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान की फसल बड़े पैमाने पर खेतों में गिर गई। कई स्थानों पर काटकर खेतों में छोड़ी गई फसल भी पानी में डूब गई। कृषि विभाग के अनुसार, तेज हवाओं के कारण 20 से 60 फीसदी तक फसल गिरने का अनुमान है। इससे करीब 25 फीसदी पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। इसके अलावा बाजरा, सरसों, आलू और सब्जियों की फसल भी बारिश से प्रभावित हुई है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर होती रही। कभी तेज बारिश तो कभी हल्की फुहारों के बीच रात में 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इससे धान और बाजरे की फसल खेतों में गिर गई।

कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों और खलिहानों में रखी धान की फसल पानी से भीग गई है। किसानों को आशंका है कि गिरी हुई फसल के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे उपज की गुणवत्ता और कीमत दोनों प्रभावित होंगी। गांवों की पगडंडियां कीचड़ से भर गई हैं, जिससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है।

किसान कलिंदर मिश्रा, योगेश पांडेय, रमेश मिश्रा, पप्पू यादव, सुभाष मौर्या और अजय सिंह सहित अन्य किसानों ने जिलाधिकारी से फसल नुकसान का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।

46 मिलीमीटर बारिश से जनजीवन प्रभावित

मौसम विभाग के अनुसार, जिले में दो दिनों के दौरान कुल 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को 15 मिलीमीटर और शुक्रवार को 33 मिलीमीटर बारिश हुई। पिछले साल अक्तूबर महीने में 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी, जबकि इस साल अब तक 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है।

अधिकतम तापमान छह डिग्री गिरा

लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान छह डिग्री गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान एक डिग्री गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अचानक ठंड बढ़ने और बारिश के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर रहे। शाम के समय बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा।

धूप निकलने पर फसल सुखाकर करें मड़ाई

कृषि विशेषज्ञ बेजवां के डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि तेज हवा के कारण 20 से 50 फीसदी तक धान की फसल गिरने का अनुमान है। इससे पैदावार में करीब 25 फीसदी तक कमी आने की आशंका है। गिरी हुई धान की फसल के चावल में कालापन आ सकता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि धूप निकलने के बाद फसल को अच्छी तरह सुखाएं और इसके बाद ही मड़ाई का कार्य करें।

जिले के 546 गांवों में धान की फसल प्रभावित

बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के हरिहरपुर, अबरना, कवडर, बेला, विसापुर, बालीपुर, कुसौदा, सहोदरपुर, इकौनी, छनौरा, पट्टी बेजाब, कपूरपुर, अर्जुनपुर, छत्तमा, तुलापुर, कीर्तिपुर, महुआपुर, सनाथपुर, चकिया, मांगुरा, बेरासपुर, सेमराध, इनारगांव, सोनैचा, बैरीबीसा और बिरनई सहित कई गांवों में धान की फसल गिर गई है।

इसके अलावा कुलमनपुर, महुआरी, बड़ागांव, कलनुआ, नई बाजार, धौरहरा, पिपरी शिवरामपुर, कुकरौठी, अस्ति, उमरी, रया, तुलसीचक, होरैयापुर, ऊंज, कुरमैचा, नवधन, सीतामढ़ी, अमवां, पूरेमनोहर और अभियां सहित जिले के कुल 546 गांवों में फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

फसल बीमा के लिए 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं शिकायत

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन में फसल क्षति की शिकायत किसान 72 घंटे के भीतर दर्ज करा सकते हैं। उप कृषि निदेशक डॉ. राम प्रवेश ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए जिले में धान की फसल का 17,785 और बाजरे की फसल का 140 किसानों ने बीमा कराया है।

फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराने के लिए किसानों को कई विकल्प दिए गए हैं। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7065514447 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

किसानों ने बयां किया बारिश से हुए नुकसान का दर्द

हरिहरपुर निवासी प्रेम बिहारी उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने 20 बीघे में धान की खेती की थी। पहले दिन कुछ फसल बची थी, लेकिन दूसरे दिन हुई बारिश में पूरी फसल गिर गई। मौसम खराब होने के कारण कटाई भी नहीं हो सकी। उन्होंने प्रशासन से फसल क्षति का मुआवजा दिलाने की मांग की।

अभियां निवासी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने 15 बीघे में धान की खेती की थी। कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन बेमौसम बारिश के कारण पूरी फसल खेत में गिर गई। गांव के ज्यादातर किसानों की यही स्थिति है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

कुरमैचा निवासी रमाशंकर बिंद ने बताया कि उन्होंने डेढ़ हेक्टेयर में धान की खेती की थी। बेमौसम बारिश के कारण 50 फीसदी से अधिक फसल गिर गई है। खेती ही परिवार की सालभर की कमाई का मुख्य जरिया है। बारिश से आलू की फसल में भी पानी लग गया है।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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