भदोही: स्टेट बैंक के खिलाफ किसान की याचिका खारिज, 37,905 रुपये की वसूली को आयोग ने माना वैध

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भदोही: स्टेट बैंक के खिलाफ किसान की याचिका खारिज, बचत खाते से 37,905 रुपये समायोजन को आयोग ने माना वैध

भदोही। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक के खिलाफ दाखिल एक परिवाद को खारिज कर दिया है। आयोग ने किसान के बचत खाते से ऋण की बकाया राशि के रूप में 37,905 रुपये समायोजित करने की बैंक की कार्रवाई को वैध ठहराया। यह फैसला 28 अक्टूबर 2026 को आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह ने सुनाया।

जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत के अनुसार, ज्ञानपुर क्षेत्र के जोरई निवासी कृपाशंकर दुबे ने बैंक के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। उनका आरोप था कि उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना का पूरा लाभ नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि बैंक ने बिना अनुमति उनके बचत खाते से 37,905 रुपये काटकर ऋण खाते में समायोजित कर दिए।

परिवादी ने इस कार्रवाई के खिलाफ आयोग से एक लाख 10 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति और वाद-व्यय दिलाने की मांग की थी।

बैंक ने दिया यह तर्क

भारतीय स्टेट बैंक ने आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवाद गलत तथ्यों पर आधारित है। बैंक के मुताबिक, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण मोचन योजना के तहत संबंधित ऋण खाते में 56,524 रुपये की माफी दी गई थी। इसके बाद ऋण खाते में 13,194 रुपये बकाया रह गए थे। ब्याज जुड़ने के बाद 18 सितंबर 2024 तक यह राशि बढ़कर 37,905 रुपये हो गई थी।

बैंक ने दलील दी कि बकाया ऋण की वसूली के लिए बैंकर्स लियन के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए बचत खाते से उक्त राशि समायोजित की गई थी।

आयोग ने बैंक की कार्रवाई को ठहराया सही

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आयोग ने पाया कि कृपाशंकर दुबे के दूसरे किसान क्रेडिट कार्ड ऋण खाते पर ऋण मोचन योजना लागू हुई थी और बैंक ने शासनादेश के अनुरूप 56,524 रुपये की ऋण माफी दी थी। इसके बाद बची हुई ऋण राशि चुकाने की जिम्मेदारी परिवादी की थी।

आयोग ने बैंक की ओर से बचत खाते से बकाया राशि समायोजित करने की कार्रवाई को वैध मानते हुए परिवाद खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही परिवादी की क्षतिपूर्ति और वाद-व्यय संबंधी मांग स्वीकार नहीं की गई।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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