ज्ञानपुर में स्कूलों पर चोरों का हमला: महीने भर में कई वारदात, सुरक्षा पर सवाल

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ज्ञानपुर में सरकारी स्कूल बने चोरों का निशाना: महीने भर में कई वारदात, बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा

ज्ञानपुर, भदोही। जिले में सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्कूल चोरों और अराजकतत्वों के लिए आसान लक्ष्य बनते जा रहे हैं।

बीते एक महीने के भीतर चार से पांच विद्यालयों में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। चोर स्कूलों के ताले तोड़कर बैटरियां, कंप्यूटर, टैबलेट, पंखे, बिजली के तार और मिड-डे मील से जुड़ा सामान आसानी से उठा ले जा रहे हैं।


 चहारदीवारी नहीं, तो सुरक्षा भी नहीं

जिले में कुल 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प और मनरेगा के तहत 750 से अधिक स्कूलों में चहारदीवारी बन चुकी है, लेकिन अभी भी 100 से ज्यादा विद्यालय खुले पड़े हैं। यही स्कूल चोरी और अराजक गतिविधियों के सबसे बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं।


 गुलौरा प्रथम विद्यालय: अराजकतत्वों का अड्डा

प्राथमिक विद्यालय गुलौरा प्रथम में हालात बेहद खराब हैं।
प्रधानाध्यापक देवेंद्र कुमार मौर्य के अनुसार:

  • कई बार चोरी हो चुकी है
  • कक्षाओं के ताले तोड़े गए
  • बिजली के तार और अन्य सामान गायब
  • शौचालय में तोड़फोड़

इतना ही नहीं, एक नशेड़ी लोहे की रॉड लेकर स्कूल में घुस गया, जिससे बच्चों में दहशत फैल गई।


 लगातार निशाने पर अन्य विद्यालय

  • गोदमा (सुरियावां) – बिना चहारदीवारी
  • ककराहीं विद्यालय – 4 महीने में 3 बार चोरी
  • लालानगर विद्यालय – पानी की टंकी तोड़ी गई (22 अप्रैल)
  • डुडवा धर्मपुरी – टैबलेट, साउंड सिस्टम, पंखा, अग्निशमन यंत्र चोरी
  • मिल्की विद्यालय – मिड-डे मील के बर्तन और गैस सिलेंडर गायब
  • सारीपुर (औराई) – आए दिन चोरी की घटनाएं

 पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल

स्थानीय लोगों और शिक्षकों का आरोप है कि:

  • पुलिस सिर्फ FIR दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर रही है
  • अधिकांश मामलों में न तो खुलासा होता है, न ही सामान बरामद

 अधिकारियों के बयान

बीएसए शिवम पांडेय
➡️ 100 विद्यालयों में चहारदीवारी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है

एएसपी शुभम अग्रवाल
➡️ कई मामलों का खुलासा हुआ है, बाकी की समीक्षा कर कार्रवाई होगी


 बड़ा सवाल: शिक्षा मंदिर या असुरक्षित ढांचा?

जब स्कूलों में:

  • चोरी हो रही हो
  • अराजकतत्वों का जमावड़ा हो
  • बच्चों में डर का माहौल हो

तो यह सिर्फ संपत्ति का नुकसान नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला है।


 क्या हो सकते हैं समाधान? (ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर)

  • सभी स्कूलों में जल्द चहारदीवारी निर्माण
  • रात्रि चौकीदार की नियुक्ति
  • CCTV कैमरे और सोलर लाइट
  • ग्राम स्तर पर निगरानी समिति
  • पुलिस द्वारा नियमित पेट्रोलिंग

निष्कर्ष

ज्ञानपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्कूलों में बढ़ती चोरी की घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी हैं। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है—जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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