यूपीआई ट्रांजैक्शन पर टैक्स वापस लेने की मांग, व्यापार मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
भदोही। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल करने वाले छोटे, मध्यम और फुटकर व्यापारियों पर इसके आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
एमडीआर के प्रभाव का दोबारा अध्ययन कराने की मांग
व्यापार मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से छोटे, मध्यम और फुटकर कारोबारियों पर पड़ने वाले एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) के प्रभाव का व्यापक अध्ययन दोबारा कराने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि अलग-अलग प्रकार के कारोबार पर एमडीआर का प्रभाव भी अलग हो सकता है। ऐसे में इसके आर्थिक प्रभावों का अध्ययन जरूरी है।
व्यापारियों ने यूपीआई भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह निशुल्क रखने पर भी पुनर्विचार की मांग की। साथ ही किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा और परामर्श करने की बात कही।
कारोबार की प्रकृति को भी ध्यान में रखने का सुझाव
व्यापारियों ने कहा कि किसी व्यापारी के कारोबार का आकलन केवल यूपीआई से प्राप्त मासिक राशि के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कारोबार की प्रकृति और अन्य परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।
व्यापार मंडल ने ऐसी व्यवस्था तैयार करने की मांग की, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलता रहे और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
15 अक्टूबर से पहले व्यापारी संगठनों से चर्चा की मांग
ज्ञापन में व्यापारियों ने मांग की कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाली व्यवस्था से पहले देश के प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की जाए। उनका कहना है कि इससे जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझने और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता के साथ अशोक जायसवाल, तरुण शुक्ला, सुरेश माली समेत अन्य कार्यकर्ता, पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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