सिस्टम में सेंध: आवासीय को कृषि, पक्की सड़क को कच्ची दिखाकर लगाया राजस्व का चूना
ज्ञानपुर (भदोही)। जिले में जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप चोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। महज 10 महीने में 162 बैनामों में करीब 1.91 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी उजागर हुई है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक हुई 951 रजिस्ट्रियों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। एआईजी स्टांप ने खरीदारों को नोटिस जारी कर जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन भुगतान न होने पर अब संबंधित लोगों के खिलाफ कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया गया है।
कैसे हो रही स्टांप चोरी
जिले के ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसीलों के उप-निबंधन कार्यालयों में संपत्तियों की रजिस्ट्री होती है। आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से जमीन की वास्तविक स्थिति छिपाकर कम स्टांप शुल्क में बैनामा कराया जा रहा है।
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आवासीय भूमि को कृषि या परती दिखाया जा रहा है
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पक्की सड़क को कच्ची बताकर शुल्क कम कराया जा रहा है
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प्लॉटिंग, भवन या पेड़ों की जानकारी छिपाई जा रही है
इन तथ्यों को छिपाकर स्टांप शुल्क बचाया जाता है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
जांच में बड़ा खुलासा
निबंधन विभाग के अनुसार, डीएम शैलेष कुमार और एडीएम समेत टीम ने स्थलीय जांच की। इसमें 162 रजिस्ट्रियों में 1.91 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
प्रमुख मामले
▶ केस-1: हरियावं में 31 लाख की चोरी
जुलाई 2025 में डीएम शैलेष कुमार ने भदोही के हरियावं में जांच कराई।
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रजिस्ट्री में जमीन: 217.84 हेक्टेयर
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मौके पर जमीन: 784.2 हेक्टेयर
➡ करीब 31 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
▶ केस-2: जल्लापुर व हरियावं में 39.78 लाख
नवंबर 2025 में भौतिक सत्यापन में दोनों स्थानों पर 39.78 लाख रुपये की चोरी सामने आई। हरियावं में कृषि भूमि की जगह प्लॉटिंग पाई गई। डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए।
तहसीलवार स्थिति
| तहसील | निरीक्षण | कमियां | स्टांप चोरी |
|---|---|---|---|
| ज्ञानपुर | 358 | 48 | 31.05 लाख |
| भदोही | 276 | 37 | 92.70 लाख |
| औराई | 317 | 78 | 67.26 लाख |
टोल कंपनी का भी बड़ा खेल
वाराणसी–प्रयागराज हाईवे स्थित लालानगर टोल प्लाजा का संचालन कर रही काशी टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड ने भी 62.87 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी की थी।
जून 2025 में मामला खुलने पर एआईजी स्टांप पंकज कुमार सिंह ने कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच में पाया गया कि कंपनी लीज अनुबंध के बजाय सामान्य अनुबंध दिखाकर मात्र 100 रुपये का स्टांप देकर टोल संचालित कर रही थी, जबकि लीज पर दो प्रतिशत शुल्क देय था।
अधिकारी की अपील
एआईजी स्टांप पंकज कुमार सिंह ने बताया कि
“162 विलेखों में 1.91 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई है। सभी मामलों में वाद दाखिल किए गए हैं। लोगों से अपील है कि स्टांप चोरी से बचें।”
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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