ज्ञानपुर (भदोही):
जनपद में डिजिटल पेमेंट के नाम पर सराफा व्यापारियों को ठगने वाले शातिर गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई गिरोह की लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और संगठित तरीके से ठगी को अंजाम देने के चलते की गई है।
गिरोह का नेटवर्क और काम करने का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पूरी तरह संगठित रूप से काम करता था। आरोपी पहले ऐसे सराफा दुकानदारों को टारगेट करते थे, जहां डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध हो। इसके बाद वे महंगे आभूषण खरीदते और मोबाइल में फर्जी पेमेंट एप के जरिए भुगतान सफल होने का नकली स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों को भ्रमित कर देते थे।
दुकानदार जब तक वास्तविक भुगतान की पुष्टि कर पाते, तब तक आरोपी आभूषण लेकर फरार हो जाते थे। बाद में ये आभूषण गलाकर सोने-चांदी की सिल्ली बनाकर बाजार में बेच दिए जाते थे, जिससे पहचान छुपाना आसान हो जाता था।
आरोपी और उनका आपराधिक इतिहास
गिरोह के सरगना ज्योतिष दुबे समेत
अजीत कुमार सिंह, पवन सेठ, सौरभ मिश्रा और नितिन पांडेय पर यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन सभी आरोपियों के खिलाफ भदोही और मिर्जापुर के विभिन्न थानों में 13 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें ठगी, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक धाराएं शामिल हैं।
पहले की कार्रवाई और बरामदगी
गोपीगंज कोतवाली पुलिस ने दो महीने पहले इस गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनके पास से:
- 2.81 ग्राम सोना (रवा)
- 176.08 ग्राम चांदी (सिल्ली)
- ₹3000 नकद
बरामद किए थे।
इसके बाद गहन विवेचना में गिरोह के अन्य दो सदस्यों—सौरभ मिश्रा और नितिन पांडेय—की भूमिका भी सामने आई।
गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्ती
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से आरोपियों की संपत्ति जब्ती सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है।
व्यापारियों के लिए अलर्ट
पुलिस ने सभी सराफा एवं अन्य व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- पेमेंट मिलने की बैंक/UPI कन्फर्मेशन जरूर चेक करें
- केवल स्क्रीनशॉट या SMS पर भरोसा न करें
- संदिग्ध ग्राहकों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें
- दुकान पर CCTV और डिजिटल रिकॉर्डिंग की व्यवस्था रखें
निष्कर्ष
डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन भुगतान ने व्यापार को आसान बनाया है, वहीं ऐसे फर्जी एप के जरिए ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ गिरोह पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि व्यापारियों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है कि वे हर लेन-देन में सतर्कता बरतें।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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