अग्निसुरक्षा में लापरवाही पड़ रही भारी, करोड़ों की संपत्ति स्वाहा

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अग्निसुरक्षा के प्रति न बरतें लापरवाही, नगर के व्यवसायियों पर पड़ सकती भारी

जागरण संवाददाता, भदोही। कालीन नगरी में अग्नि सुरक्षा के प्रति लापरवाही और आग लगने की घटनाओं से हर साल करोड़ों रुपये की संपत्ति राख हो रही है, इसके बावजूद लोग अब भी पूरी तरह सचेत नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2025 में छोटे से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की 322 घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं में 5.69 करोड़ रुपये की क्षति हुई, जबकि अग्निशमन विभाग की तत्परता से करीब 14.38 करोड़ रुपये के नुकसान को बचा लिया गया।

वहीं वर्ष 2024 में जिले में आग लगने की 339 घटनाएं हुई थीं, जिनमें करीब छह करोड़ रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी जारी है। छोटे उद्यमियों की बात छोड़ दें, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालक भी अपनी कालीन इकाइयों समेत निजी व सरकारी प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के उपायों को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे हैं।

पिछले दो वर्षों के विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो आग की घटनाओं में 11 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति नष्ट हुई है। यह केवल अग्निशमन विभाग का आधिकारिक आंकड़ा है, जबकि जमीनी स्तर पर वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक माना जा रहा है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

 संभावित कारण क्या हैं

अग्निशमन विभाग के अनुसार अधिकांश आगजनी की घटनाएं शॉर्ट सर्किट, जर्जर विद्युत वायरिंग, ओवरलोडेड कनेक्शन, ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण और अग्निशमन उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण होती हैं। कई प्रतिष्ठानों में अग्निशामक यंत्र या तो लगाए ही नहीं गए हैं, या वर्षों से उनकी सर्विसिंग नहीं कराई गई है।

 नियमों की अनदेखी पड़ सकती महंगी

विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी ऑडिट, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), अग्निशामक यंत्र, हाइड्रेंट और अलार्म सिस्टम अनिवार्य हैं। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नोटिस, जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई हो सकती है।

 गर्मी से पहले शुरू हुआ जागरूकता अभियान

गर्मी की दस्तक के साथ ही अग्निशमन विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। लोगों को पंपलेट वितरित कर आग से बचाव के प्रति सावधान किया जा रहा है। विभाग की टीमें बाजारों, गोदामों और कालीन इकाइयों में जाकर सुरक्षा मानकों की जांच भी कर रही हैं।

 जनपद में जवानों व संसाधनों की स्थिति

भदोही जनपद में अग्नि सुरक्षा की जिम्मेदारी महज 62 जवानों पर है। अग्निशमन अधिकारी के अलावा विभाग में 14 लीडिंग फायरमैन और 41 फायरमैन तैनात हैं। जिले में चार बड़ी फायर टेंडर गाड़ियां और एक छोटी दमकल उपलब्ध है। वाटर मिस्ट, बॉलर कैंपर समेत रेस्क्यू के लिए पांच वाहन भी मौजूद हैं। वर्तमान में भदोही और औराई में अग्निशमन केंद्र संचालित हैं।

 क्या करें व्यवसायी

  • प्रतिष्ठान में मानक अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से लगाएं

  • हर छह माह में उपकरणों की सर्विसिंग कराएं

  • विद्युत वायरिंग की नियमित जांच कराएं

  • ज्वलनशील पदार्थ सुरक्षित स्थान पर रखें

  • कर्मचारियों को फायर ड्रिल का प्रशिक्षण दें

यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई तो अगली बड़ी घटना में भारी आर्थिक नुकसान के साथ जनहानि का खतरा भी बढ़ सकता है। अग्निशमन विभाग ने व्यवसायियों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तत्काल विभाग को दें।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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