18 साल बाद भदोही को मिले 145 सफाईकर्मी, 15 लाख ग्रामीण आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
धर्मेन्द्र पाल | ज्ञानपुर
करीब 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भदोही जिले को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के अलग-अलग 28 जिलों से सरप्लस 145 सफाईकर्मियों की तैनाती भदोही में की गई है। इससे जिले की 546 ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था सुधरने की उम्मीद जगी है और लगभग 15 लाख ग्रामीण आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल आबादी करीब 20 लाख है, जिसमें से चार से पांच लाख लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि शेष 15 लाख की आबादी गांवों में निवास करती है। जिले में सात नगर निकाय और 546 ग्राम पंचायतें हैं। प्रत्येक सफाईकर्मी को औसतन तीन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन की योजनाओं को मिलेगी गति
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एकल शौचालय, सामुदायिक शौचालय और रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) बनाए गए हैं। इन योजनाओं पर अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है।
हालांकि, सफाईकर्मियों की कमी के कारण 300 गांवों में बने RRC में से सिर्फ 25 ही संचालित हो पा रहे थे, जबकि 275 केंद्र या तो बंद पड़े थे या शो-पीस बने हुए थे। अब नए सफाईकर्मियों की तैनाती से इन केंद्रों के संचालन की उम्मीद बढ़ गई है।
2–3 दिन में संभालेंगे कार्यभार
निदेशक पंचायती राज द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी 145 सफाईकर्मी अगले दो से तीन दिनों में जिले में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद उन्हें ग्राम पंचायतों का आवंटन किया जाएगा। पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों और सीतामढ़ी, सेमराध, माधोसिंह जैसे बड़े गांवों में प्राथमिकता के आधार पर तैनाती की जाएगी।
2008 से लटका था नियुक्ति का मामला
साल 2008 में बसपा सरकार के दौरान सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिले में 1272 पदों के सापेक्ष 5600 आवेदन आए थे, लेकिन भर्ती में धांधली के आरोप लगने पर तत्कालीन जिलाधिकारी दीपिका दुग्गल ने प्रक्रिया निरस्त कर दी। इसके बाद मामला अदालत में चला गया और वर्षों तक लंबित रहा।
2009 में दोबारा आवेदन मांगे गए तो करीब 80 हजार आवेदन आए। फिर 2013–14 में तीसरी बार विज्ञप्ति निकाली गई, जिसमें सात लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के कारण नियुक्ति नहीं हो सकी।
सफाईकर्मियों की तैनाती से होंगे ये लाभ
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ओडीएफ प्लस योजना के तहत 300 गांवों में बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर सक्रिय होंगे
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सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण संभव होगा
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गांवों की नियमित सफाई से स्वच्छता स्तर में सुधार
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स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को मिलेगा बल
इन जिलों से आए हैं सफाईकर्मी
आगरा, मथुरा, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद, अंबेडकरनगर, अयोध्या, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, चित्रकूट, श्रावस्ती, लखनऊ, रायबरेली, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आजमगढ़, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, बस्ती, संत कबीरनगर, हाथरस, हापुड़, अमेठी समेत अन्य जिलों से सफाईकर्मी भदोही भेजे गए हैं।
इस संबंध में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि सफाईकर्मियों की तैनाती से गांवों की सफाई व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आएगा और भविष्य में रोस्टर के आधार पर कार्य विभाजन किया जाएगा।
आगे क्या बदलेगा? — ज़मीनी असर और प्रशासन की कार्ययोजना
145 नए सफाईकर्मियों की तैनाती के बाद जिला प्रशासन ने फेज़-वाइज़ कार्ययोजना तैयार की है, ताकि तत्काल असर दिखे और व्यवस्थाएं टिकाऊ बनें।
1) प्राथमिकता वाले गांव
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5,000+ आबादी वाली ग्राम पंचायतें
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कचरा उत्पादन अधिक वाले गांव
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जहां RRC (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बना है लेकिन बंद पड़ा है
इन गांवों में पहले चरण में सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे।
2) RRC होंगे चालू
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300 गांवों में बने RRC में से पहले चरण में कम-से-कम 100 केंद्र सक्रिय किए जाएंगे।
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सूखा–गीला कचरा पृथक्करण, कम्पोस्टिंग और प्लास्टिक बंडलिंग शुरू होगी।
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पंचायतों को स्वावलंबी मॉडल पर ले जाने की तैयारी है, जिससे संचालन लागत स्थानीय स्तर पर निकल सके।
3) निगरानी और जवाबदेही
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ब्लॉक स्तर पर साप्ताहिक मॉनिटरिंग
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ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान की संयुक्त जिम्मेदारी
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अनुपस्थिति/लापरवाही पर कार्रवाई का प्रावधान
4) ODF Plus लक्ष्यों को रफ्तार
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खुले में कचरा फेंकने पर रोक
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सामुदायिक शौचालयों की दैनिक सफाई और मेंटेनेंस
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स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन (IEC गतिविधियां)
चुनौतियां भी कम नहीं
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एक सफाईकर्मी पर तीन पंचायतों का भार
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बाहरी जिलों से आए कर्मियों का स्थानीय समन्वय
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कुछ पंचायतों में संसाधनों और सहयोग की कमी
प्रशासन का मानना है कि रोटेशन रोस्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इन चुनौतियों को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा।
प्रशासन का बयान
जिलाधिकारी शैलेष कुमार के अनुसार,
“सफाईकर्मियों के कार्यभार ग्रहण करते ही ग्राम पंचायतों का आवंटन किया जाएगा। प्राथमिकता बड़े और समस्या-ग्रस्त गांवों को दी जाएगी। लक्ष्य है कि स्वच्छता व्यवस्था में स्थायी सुधार दिखे।”
क्यों अहम है यह फैसला?
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18 साल बाद मिली ठोस राहत
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15 लाख ग्रामीणों को सीधा फायदा
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100 करोड़+ की स्वच्छता परिसंपत्तियों का वास्तविक उपयोग
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स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों की ओर मजबूत कदम
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

