35 लाख के घपले में बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधान पर FIR के आदेश, वर्तमान प्रधान की होगी जांच

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35 लाख के घपले में वर्तमान प्रधान की होगी जांच, पूर्व प्रधान पर दर्ज होगी प्राथमिकी

ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के दरूनहां गांव में करीब 35 लाख रुपये के कथित घपले को लेकर वर्तमान और पूर्व प्रधान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं, जबकि वर्तमान प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों की जांच कराई जाएगी।

मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रभारी डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को तीन दिन के भीतर पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

दरूनहां गांव निवासी समाजसेवी उपेंद्र सिंह और अन्य ग्रामीणों ने 3 मार्च 2023 को जिलाधिकारी को हलफनामा सौंपकर दो पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान गांव में कराए गए इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन निर्माण, सामुदायिक शौचालय और मनरेगा कार्यों में धांधली व गबन का आरोप लगाया था।

आरोपों की जांच उपायुक्त स्वरोजगार, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की टीम द्वारा की गई थी। जांच में सामने आया कि स्कूल की बाउंड्री निर्माण में तत्कालीन ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश सिंह ने अपनी भाभी की फर्म से ईंटों की खरीद की। वहीं, चौरी–दरूनहां मार्ग पर जूनियर हाईस्कूल तक बनाए गए चकरोड में घटिया ईंटों का इस्तेमाल पाया गया।

जांच रिपोर्ट में दो पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान करीब 35 लाख रुपये की घपलेबाजी की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। इसके बाद प्रधान ने उच्च न्यायालय में अपील की थी, जहां जिलास्तरीय अधिकारियों से जांच न होने के आधार पर कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी।

अब प्रशासन की ओर से अंतिम जांच के लिए नई टीम गठित की गई है, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सूचना अधिकारी और सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग को नामित किया गया है। वहीं, पूर्व प्रधान जयदेवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एडीओ पंचायत को पत्र भेजा गया है।

प्रभारी डीपीआरओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गठित जांच टीम गांव में कराए गए सभी विकास कार्यों की मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी। इसमें इंटरलॉकिंग सड़क, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, विद्यालय की बाउंड्री और मनरेगा से जुड़े कार्यों की माप पुस्तिका, भुगतान विवरण, सामग्री खरीद और कार्य गुणवत्ता की जांच शामिल होगी।

जांच के प्रमुख बिंदु

  • सामग्री खरीद में हितों के टकराव (रिश्तेदार की फर्म से खरीद)
  • घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के आरोप
  • माप पुस्तिका और भुगतान अभिलेखों में अनियमितता
  • मनरेगा नियमों के उल्लंघन की संभावनाएं

कानूनी पहलू

पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस विवेचना शुरू करेगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित धाराओं में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। वहीं, वर्तमान प्रधान के कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।

अधिकारियों का बयान

प्रभारी डीपीआरओ ज्ञान प्रकाश के अनुसार, जांच प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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