प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिजली बिल, उपभोक्ता परेशान
ज्ञानपुर।
बिजली बिल की गड़बड़ी दूर करने के उद्देश्य से लगाए जा रहे जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब खुद विवाद का कारण बनते नजर आ रहे हैं। जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले कई गुना अधिक बिल आने के मैसेज मिल रहे हैं, जिससे वे परेशान होकर उपकेंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं।
गोपीगंज के खरहट्टी मोहाल निवासी रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2025 में उनका बिजली बिल 406 रुपये और मई में 619 रुपये आया था। करीब तीन महीने पहले उनके घर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया गया। उस समय बताया गया था कि अब बिल में कोई गड़बड़ी नहीं होगी, लेकिन जनवरी में उनके मोबाइल पर 14,302 रुपये का बिल आने का मैसेज मिला।
इसी तरह गोपीगंज निवासी शिवा अग्रहरि ने बताया कि सर्दी के मौसम में उनके घर केवल दो एलईडी बल्ब ही जलते हैं। नवंबर में 318 रुपये और दिसंबर में 1,098 रुपये का बिल भेज दिया गया, जो उनकी खपत से कहीं अधिक है।
80 हजार स्मार्ट मीटर बदले जा चुके
ज्ञानपुर और भदोही वितरण खंड में कुल 2 लाख 51 हजार उपभोक्ता हैं। जिले में 33 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जा रही है और करीब 20 हजार ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। अब तक जिले में लगभग 80 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि स्मार्ट मीटर बिजली चोरी, लाइन लॉस कम करने और बिलिंग में पारदर्शिता लाने के लिए लगाए जा रहे हैं। निगम का दावा है कि हर महीने की पांच तारीख को बिल ऑटो जेनरेट हो जाता है और इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं होती।
एप डाउनलोड करने की सलाह
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड या स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से ऊर्जावान या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप डाउनलोड करें। इससे उपभोक्ता अपनी खपत और बिलिंग की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
एप की प्रमुख विशेषताएं
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प्रतिदिन बिजली खपत की जानकारी
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निर्धारित लोड से अधिक खपत पर अलर्ट
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एप के माध्यम से शिकायत दर्ज
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पिछले 15 दिन की खपत का विवरण
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अब तक जमा किए गए बिल की जानकारी
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रोजाना की रीडिंग उपलब्ध
उपभोक्ताओं के मामले
केस-एक:
एक माह पहले स्मार्ट मीटर लगाया गया। घर में सिर्फ दो एलईडी बल्ब। पहले 318 रुपये बिल आता था, अब 1,098 रुपये का बिल भेजा गया।
— शिवाजी अग्रहरि, गोपीगंज
केस-दो:
तीन महीने पहले स्मार्ट मीटर लगाया गया। पहले 450 से 650 रुपये बिल आता था, अब छह गुना तक बढ़ गया।
— रमेश चंद गुप्ता, खरहट्टी मोहाल
केस-तीन:
ठंड में पहले 1,200 से 1,600 रुपये बिल आता था, अब 2,200 से 2,500 रुपये आ रहा है।
— रमाशंकर, कुसौड़ा
केस-चार:
एक किलोवाट कनेक्शन पर पहले 200–250 रुपये बिल आता था, अब करीब 1,000 रुपये आ रहा है।
— झुल्लूर बिंद, गंगारामपुर
विभाग का पक्ष
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बिलिंग की गड़बड़ी नहीं हो सकती। नेटवर्क समस्या के कारण कभी-कभी रीडिंग फेच न हो पाने से परेशानी हो सकती है। उन्होंने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर संबंधित जेई या एसडीओ से मिलकर बिल संशोधन कराएं। कुछ मामलों में पुराने मीटर की स्टोर रीडिंग भी नए बिल में जुड़ रही है, जिससे बिल अधिक दिखाई दे रहा है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

