भदोही और गोपीगंज रेलवे स्टेशन पर नहीं कोच इंडिकेटर, सुरियावां में बैठने की सुविधा नहीं
ज्ञानपुर। जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी ने परेशानी बढ़ा दी है। भदोही और गोपीगंज रेलवे स्टेशन पर कोच इंडिकेटर न होने से कई यात्री ट्रेन छूटने की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं सुरियावां स्टेशन पर बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है।
प्रमुख स्टेशनों की वर्तमान स्थिति
1. भदोही रेलवे स्टेशन
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जिले का प्रमुख स्टेशन होने के बावजूद शाम होते ही स्टेशन पर अंधेरा छा जाता है।
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कोच इंडिकेटर की अनुपस्थिति के कारण यात्री ट्रेन पकड़ने में असमर्थ रहते हैं।
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आरक्षण काउंटर अक्सर बंद रहता है।
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प्रतिदिन लगभग 7-8 हजार यात्री यहां से यात्रा करते हैं।
यात्री अनुभव:
“स्टेशन पर रात को पहुंचने पर अंधेरा रहता है। कोच इंडिकेटर न होने से ट्रेन छूट जाती है।” — फैय्याज खान, यात्री
2. ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन
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सामुदायिक शौचालय के दरवाजे गायब हैं और शौचालय गंदा है।
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सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है।
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प्लेटफार्म और बैठने की सुविधाएं सीमित हैं।
यात्री अनुभव:
“स्टेशन के शौचालय में इतनी गंदगी देखकर मन खराब हो गया। सफाई पर खर्च किए पैसे का कोई असर नहीं दिखता।” — अनुराग कुमार, यात्री
3. सुरियावां रेलवे स्टेशन
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प्लेटफार्म पर दो हैंडपंप हैं, जिनमें से एक एक साल से खराब पड़ा है।
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प्लेटफार्म नंबर दो का विस्तारीकरण किया गया है, जिससे दिव्यांग और महिला यात्रियों को परेशानी होती है।
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बैठने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यात्री अनुभव:
“व्यापारिक काम के लिए मैं अक्सर ट्रेन का उपयोग करता हूं। प्लेटफार्म ऊंचा कर दिया गया है और बैठने की सुविधा नहीं है।” — नितेश भोजवाल, यात्री
4. परसीपुर रेलवे स्टेशन
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दो हैंडपंप हैं, दोनों खराब हैं।
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यात्रियों के बैठने के लिए बने बेंच टूटे हुए हैं।
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आरक्षण केंद्र और सामुदायिक शौचालय बंद है।
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प्रतिदिन लगभग 800 यात्री यहां से यात्रा करते हैं।
यात्री अनुभव:
“परसीपुर स्टेशन स्वतंत्रता संग्राम का गवाह है। यहां पेयजल व्यवस्था नहीं है, आरक्षण केंद्र बंद है और शौचालय बदहाल है। कोई सुनने वाला नहीं है।” — कर्मराज दुबे, यात्री
5. सरायकंसराय रेलवे स्टेशन
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शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
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प्रकाश और सुरक्षा की कमी यात्रियों के लिए समस्या है।
यात्रियों की साझा पीड़ा
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स्टेशन की बुनियादी सुविधाओं की कमी से रोजमर्रा की यात्रा कठिन हो गई है।
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शौचालय और पेयजल की खराब स्थिति, बैठने और प्रकाश व्यवस्था की कमी मुख्य समस्याएं हैं।
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महिला, दिव्यांग और बुजुर्ग यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं।
अधिकारियों का बयान
“रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सफाई की दिक्कत की जिम्मेदारी स्टेशन अधीक्षक की होती है। अन्य समस्याओं को धीरे-धीरे ठीक कराया जाएगा।”
— अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।
