उगापुर हादसा: श्रम अधिनियम उल्लंघन की आशंका, जांच रिपोर्ट के बाद होगी बड़ी कार्रवाई
भदोही/औराई। उगापुर स्थित सूर्या कार्पेट कंपनी में जहरीली गैस से तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत के बाद अब मामला गंभीर रूप लेता दिख रहा है। विभागीय जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच श्रम विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में सभी कर्मचारियों का पूरा ब्योरा और सुरक्षा दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
जांच दल को मिले संदिग्ध बिंदु
सहायक निदेशक कारखाना कुलदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कंपनी के डाइंग और वॉशिंग यूनिट में:
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सुरक्षा गार्ड की तैनाती,
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गैस सेंसर की स्थिति,
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वेंटिलेशन सिस्टम,
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आपातकालीन सुरक्षा उपकरण (ऑक्सीजन मास्क, हेलमेट आदि),
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मशीनरी संचालन प्रमाणपत्र
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तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण रिकॉर्ड
की जांच की।
सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों का पालन संदिग्ध मिला है तथा कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के कार्य कर रहे थे।
मजदूरों ने लगाया गंभीर आरोप: “सुरक्षा सिर्फ कागजों में”
घटना के बाद पहुंचे मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मजदूरों ने बताया कि:
“हमें कभी गैस रिसाव, मशीनरी ऑपरेशन या सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं दिया गया। हेलमेट, मास्क और दस्ताने यहां सिर्फ नाम के लिए रखे जाते हैं।”
कर्मचारियों ने बताया कि वॉशिंग प्लांट में गैस का रिसाव पहली बार नहीं हुआ है, लेकिन पहले किसी बड़े हादसे की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।
पीड़ित परिवारों की मांग: कंपनी मालिक पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो
मृतक कर्मचारियों के परिजनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि:
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पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए,
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मृत कर्मचारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी मिले,
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और कंपनी मालिकों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने कोई संपर्क नहीं किया, जो उनकी संवेदनहीनता दर्शाता है।
राजनीतिक व्यक्तियों की चुप्पी पर नाराजगी
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि:
“जब हादसा हुआ तो दफ्तरों में हलचल मची, अधिकारी पहुंचे, पर अंतिम संस्कार में ना कोई नेता, ना कंपनी मालिक और ना कोई श्रम अधिकारी आया।”
सीएम योगी ने दिए जांच के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि:
🔹 रिपोर्ट आने के बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
🔹 सुरक्षा प्रोटोकॉल उल्लंघन में FIR दर्ज होने की संभावना मजबूत है।
🔹 विभाग पीड़ित परिवारों को प्राविधिक मुआवजा योजना के तहत राहत राशि दिलाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है
भदोही का कालीन उद्योग करोड़ों का है, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। यह घटना फिर बता रही है कि यदि उद्योग विकास के नाम पर मानव जीवन की सुरक्षा उपेक्षित रही —
तो ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं।
📍 रिपोर्ट — भारत क्रांति न्यूज़ (भदोही ब्यूरो)
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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