20 लाख की आबादी पर नहीं तैनात हृदय रोग विशेषज्ञ, हार्ट मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
ज्ञानपुर (भदोही)।
भदोही जिले की लगभग 20 लाख आबादी आज भी एक मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है — हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की तैनाती अब तक नहीं हो सकी है। इसके चलते हार्ट की समस्या से जूझ रहे मरीजों को प्रयागराज या वाराणसी जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।
🔹 जिला अस्पताल में रोज पहुंचते हैं 10 से 15 हार्ट मरीज
जिला अस्पताल में हर दिन 10 से 15 मरीज हृदय संबंधी तकलीफ लेकर पहुंचते हैं। मगर विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण उन्हें केवल जनरल फिजीशियन से ही सलाह मिलती है। विभाग के पास हार्ट रोगियों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है, क्योंकि इस विषय में कोई अलग इकाई मौजूद नहीं है।
🔹 मरीजों की मजबूरी — निजी अस्पताल या दूसरे जिले
जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को अपने रूटीन चेकअप और दवा के लिए वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ जैसे जिलों में जाना पड़ता है।
जो मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वे बार-बार यात्रा करने में असमर्थ रहते हैं और इलाज अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
महजूदा निवासी शीतला प्रसाद पांडेय (65) ने बताया,
“मैं 15 साल से हृदय संबंधी रोग से पीड़ित हूं। बेटा भोपाल में रहता है, वहीं इलाज होता है। हर छह माह में चेकअप के लिए भोपाल जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर होते तो इतनी परेशानी नहीं होती।”
वहीं पुरानी बाजार निवासी दिनेश कुमार (50) ने कहा,
“आठ साल से हार्ट की समस्या है। जिले में विशेषज्ञ न होने से प्रयागराज में दिखाने के लिए जाना पड़ता है। आने-जाने में खर्च और परेशानी दोनों झेलनी पड़ती है।”
🔹 विभागीय विवशता — पद ही नहीं सृजित
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भदोही में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद ही सृजित नहीं किया गया है।
सीएमओ डॉ. एस.के. चक ने बताया कि जब तक यह पद सृजित नहीं होता, तब तक विभाग शासन से डॉक्टर की तैनाती की मांग भी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा,
“सौ शय्या अस्पताल परिसर में क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) का निर्माण कराया जा रहा है। इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा, जिसमें एक हृदय रोग विशेषज्ञ का पद भी शामिल है। यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।”
🔹 हार्ट रोगियों की बढ़ती संख्या से बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तनावपूर्ण जीवनशैली, खान-पान की अनियमितता, और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हार्ट रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
जिले में युवा वर्ग से लेकर बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में ऐसे मरीज हैं जिन्हें बीपी, कोलेस्ट्रॉल, और हृदय की कमजोरी जैसी समस्याएं हैं।
अगर जल्द ही विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई, तो जिले में हृदय रोग से मौत के मामलों में भी वृद्धि हो सकती है।
📰 निष्कर्ष
भदोही जैसे घनी आबादी वाले जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ का न होना गंभीर चिंता का विषय है। विभागीय लापरवाही और पद सृजन की कमी के कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब उम्मीद है कि क्रिटिकल केयर यूनिट के शुरू होने के साथ ही जिले में हृदय रोगियों को राहत मिल सकेगी।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


