मुख्य शीर्षक:
13 साल की लड़की रहस्यमयी ढंग से हुई लापता, दिल्ली क्राइम ब्रांच का ऑपरेशन सफल—परिवार से मिली खुशी की वापसी
डेटलाइन:
नई दिल्ली | 23 अक्टूबर 2025 | डिजिटल डेस्क
घटना का संक्षिप्त सार (Top Highlights):
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13 वर्षीय लड़की 18 अक्टूबर 2025 को शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र से लापता हुई।
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परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, मामला BNS की धारा 137(2) में दर्ज।
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क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड्स और खुफिया जानकारी के आधार पर खोज अभियान चलाया।
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रोहिणी सेक्टर-25 के पास से लड़की को सुरक्षित बरामद किया गया।
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परिवार में खुशी का माहौल, पुलिस की तत्परता की सराहना।
गुमशुदगी की शुरुआत कैसे हुई?
18 अक्टूबर की सुबह अचानक लड़की घर से बिना बताए निकल गई। परिजन ने पहले आस-पड़ोस और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर शाहबाद डेयरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सीधे क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस की जांच कैसे आगे बढ़ी?
इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसमें शामिल थे:
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SI बलराज
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HC अशोक
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महिला कांस्टेबल सोनम
टीम ने निम्नलिखित चरणों में जांच की:
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण
लड़की के दोस्तों और स्कूल साथियों से पूछताछ
लोकेशन सर्विलांस व CCTV फुटेज की जांच
साइबर सेल से डिजिटल ट्रेसिंग में मदद
महिला कांस्टेबल सोनम के माध्यम से सामाजिक संपर्कों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की
कहाँ मिली लड़की?
सूत्रों और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को पता चला कि लड़की रोहिणी सेक्टर-25 के आसपास देखी गई है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
लड़की ने घर क्यों छोड़ा? (Emotional/Family Angle)
जांच में सामने आया कि:
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लड़की अपने परिवार से कुछ निजी कारणों के चलते नाखुश थी।
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घर में मनमुटाव व तनाव के कारण वह बिना बताए घर छोड़कर चली गई थी।
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वह किसी भी आपराधिक या तस्करी संबंधी नेटवर्क में नहीं फंसी थी।
कानूनी प्रक्रिया (Legal Action):
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मामला BNS की धारा 137(2) (गुमशुदगी/नाबालिग संरक्षण) के तहत दर्ज था।
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बरामदगी के बाद लड़की को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया।
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परामर्श (Counselling) और आगे की कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की जा रही हैं।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया:
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बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिवार में खुशी और भावनात्मक माहौल।
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आसपास के लोगों ने क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की।
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इस घटना ने समाज में जागरूकता बढ़ाई है कि पारिवारिक संवाद कितना आवश्यक है।
इस ऑपरेशन की कमान किसके हाथ में थी?
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ऑपरेशन का नेतृत्व एसीपी (NR-II) नरेंद्र सिंह ने किया।
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पूरी टीम को दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से सम्मानित करने की भी चर्चा है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.
