यूपी के पशुपालकों के लिए बड़ा तोहफा, योगी सरकार करेगी कमाई और उत्पादकता बढ़ाने में मदद
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पशुपालकों के लिए ऐतिहासिक पहल की है। पशुधन विभाग अब 1.65 लाख पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों का प्रशिक्षण देगा। इस योजना का उद्देश्य राज्य में पशु उत्पादकता बढ़ाना, आय में वृद्धि करना और डेयरी एवं पोल्ट्री सेक्टर को मजबूत बनाना है।
1.65 लाख पशुपालकों को मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के पहले चरण में:
-
150 मास्टर ट्रेनर्स को पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-
ये मास्टर ट्रेनर्स आगे 6,400 पैरावेट्स को प्रशिक्षित करेंगे।
-
इसके बाद कुल 1,65,200 पशुपालकों तक प्रशिक्षण और जानकारी पहुंचेगी।
इस कार्यक्रम से पशुपालक नवीन प्रजनन तकनीक, पोषण, रोग प्रबंधन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशु अपशिष्ट प्रबंधन को सीखकर अपनाएंगे।
राज्य की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान
-
वर्तमान में पशुपालन क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धित (GVA) 1.43 लाख करोड़ रुपये है।
-
यह आंकड़ा 2028-29 तक 2.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
-
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को मिलेगी नई दिशा
सरकार का लक्ष्य:
-
डेयरी, पोल्ट्री, अंडा, मांस और ऊन के उत्पादन में सुधार।
-
पशुपालकों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करना।
-
नई तकनीक अपनाने से आय बढ़ेगी और निवेश के अवसर खुलेंगे।
जिलों में चयन प्रक्रिया शुरू
विशेष सचिव पशुधन, देवेंद्र कुमार पांडेय ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं:
-
प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त पशुपालकों का चयन शीघ्र करें।
-
ताकि आगामी महीनों में कार्यक्रम तेजी से लागू हो सके।
सोशल मीडिया और वेबसाइट हाइलाइट्स:
-
1.65 लाख पशुपालकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
-
स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार
-
पशुपालन से आय दोगुनी, राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत
-
डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर में नई तकनीक अपनाई जाएगी
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

