संदेश विधानसभा 2020: चिराग पासवान की चाल ने बिगाड़ा JDU का खेल, किरण देवी ने रचा इतिहास

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संदेश विधानसभा 2020: चिराग पासवान की चाल ने बिगाड़ा JDU का खेल, किरण देवी ने रचा इतिहास

संवाद सूत्र, उदवंतनगर (भोजपुर):
संदेश विधानसभा सीट पर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए। इस बदलाव में चिराग पासवान की रणनीति अहम साबित हुई। लोजपा (रामविलास) के सिम्बल पर श्वेता सिंह के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय बन गया और JDU को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा।

महागठबंधन की किरण देवी ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि रिकॉर्ड मत अंतर के साथ इतिहास रच दिया। किरण देवी ने JDU के पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह को 50,677 मतों से हराया। अंततः किरण को 79,599, विजेंद्र सिंह को 28,992 और श्वेता सिंह को 28,500 मत मिले।


चिराग पासवान की रणनीति और JDU की हार

चिराग पासवान ने संदेश विधानसभा में अपने संगठन की सीमाओं के बावजूद JDU और भाजपा गठबंधन के समीकरण को चुनौती दी। भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी और स्वर्ण मतदाता (विशेषकर राजपूत समाज) का बंटना JDU के लिए भारी साबित हुआ।

श्वेता सिंह, जो भाजपा से टिकट की प्रबल दावेदार थीं, ने लोजपा का हाथ थामकर बगावत की राह चुनी। इससे संदेश सीट का समीकरण अचानक त्रिकोणीय हो गया और जेडीयू की जीत की संभावना धूमिल हो गई।


महागठबंधन को अप्रत्याशित लाभ

पूर्व विधायक अरुण यादव कानूनी कारणों से चुनाव नहीं लड़ सके। इसके चलते महागठबंधन ने उनकी पत्नी किरण देवी को उम्मीदवार बनाया। जनता ने उनके प्रति भरोसा जताया और किरण ने ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज की।

2015 में अरुण यादव ने भाजपा के संजय सिंह टाइगर को 25,427 मतों से हराया था। वहीं 2020 में किरण देवी ने इस अंतर को दोगुना से भी अधिक कर दिया, जो संदेश विधानसभा के लिए अब तक का रिकॉर्ड है।


भोजपुर की तीन सीटों पर राजनीतिक असर

चिराग की रणनीति का असर सिर्फ संदेश विधानसभा तक सीमित नहीं रहा। अगिआंव और जगदीशपुर सीटों पर भी JDU को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस रणनीति ने भोजपुर में नीतीश कुमार की पार्टी की जमीन हिला दी और स्थानीय राजनीति में नया मोड़ लाया।


राजनीतिक विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चिराग पासवान ने अपने सीमित संगठन के बावजूद ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाई। संदेश विधानसभा की जीत इस भूमिका की सबसे बड़ी मिसाल मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि चिराग की चाल ने केवल संदेश विधानसभा ही नहीं बल्कि भोजपुर जिले की राजनीतिक तस्वीर को भी बदल दिया। उनके इस कदम ने JDU और भाजपा के गठबंधन में फूट डाल दी और महागठबंधन को अप्रत्याशित लाभ पहुंचाया।


निष्कर्ष

संदेश विधानसभा की यह जीत राजनीतिक रणनीति और मतदाता समर्थन का बेहतरीन उदाहरण है। चिराग पासवान की चाल और किरण देवी की जीत ने बिहार की राजनीति में इतिहास रचा और संदेश विधानसभा को सियासी महत्त्व दिलाया।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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