बारूद के ढेर पर बैठा है कानपुर नगर, एक गलती और कांप जाएगा पूरा शहर

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बारूद के ढेर पर बैठा है कानपुर नगर, एक गलती और कांप जाएगा पूरा शहर

कानपुर | भारत क्रांति न्यूज़ संवाददाता रिपोर्ट

कानपुर शहर इन दिनों एक खतरनाक स्थिति में है। दीपावली का सीजन आते ही पूरे शहर की गलियों में अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण धड़ल्ले से किया जा रहा है। हालत यह है कि कानपुर अब बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है। बुधवार शाम मेस्टन रोड के मिश्री बाजार में हुए विस्फोट ने इस खतरे की भयावहता को सामने ला दिया।


कानपुर की गलियों में चल रहा विस्फोटकों का खेल

नवाबगंज, दबौली, गोविंद नगर, शास्त्री नगर, बर्रा, नौबस्ता जैसे इलाकों में पटाखों का स्टॉक खुलेआम रखा जा रहा है। मकानों और दुकानों के अंदर अवैध गोदाम बनाए गए हैं, जिनमें बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के बारूद रखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, जिससे व्यापारी बेखौफ हैं।

“हर साल दीवाली से पहले यही हाल होता है। गलियों में पटाखों के बोरे आते हैं, कोई जांच नहीं होती। अगर आग लग जाए तो पूरा मोहल्ला उड़ जाएगा,” — स्थानीय निवासी, बर्रा क्षेत्र।


42 स्थानों पर 1000 से ज्यादा दुकानें

कानपुर नगर में इस समय 42 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं जहां फुटकर और थोक पटाखा बाजार लगते हैं।

  • फुटकर दुकानें: 1000 से अधिक

  • थोक व्यापारी: करीब 20

  • मुख्य सप्लाई स्रोत: आगरा, मैनपुरी, हाथरस, वाराणसी

  • देशी पटाखों का निर्माण: उन्नाव, कानपुर देहात और फतेहपुर

इन दुकानों में सुरक्षा मानकों की न तो जांच होती है और न ही कोई मान्यता। अधिकतर व्यापारी अस्थायी लाइसेंस या पुराने परमिट पर कारोबार करते हैं।


मेस्टन रोड धमाका बना चेतावनी की घंटी

बुधवार शाम मिश्री बाजार में हुए विस्फोट से कई घरों की दीवारें दरक गईं और आस-पास की दुकानों में भगदड़ मच गई। राहत की बात रही कि बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन हादसे ने कानपुर पुलिस की लापरवाही उजागर कर दी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, “बारूद या विस्फोटक सामग्री की थोड़ी सी चिंगारी भी आस-पास के मकानों को पलभर में जला सकती है। इतनी घनी आबादी में ऐसे गोदाम मौत के कुंड हैं।”


पुलिस और प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

कानपुर पुलिस का दावा है कि वह अवैध भंडारण पर नजर रखे हुए है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों से पहले कई जगहों पर पटाखे की अवैध खेपें ट्रकों से लाई जाती हैं, लेकिन जांच के नाम पर कोई सख्ती नहीं होती।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई थाना क्षेत्रों में पटाखा व्यापारी स्थानीय प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में कारोबार करते हैं।


त्योहारी सीजन में बढ़ा खतरा

दीपावली और छठ पर्व नजदीक हैं, ऐसे में बाजारों में पटाखों की बिक्री और भंडारण तेज हो गया है। लेकिन सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं।
दमकल विभाग के अनुसार, पिछले दो साल में दीपावली सीजन में कानपुर में 14 से ज्यादा छोटे-बड़े विस्फोट या आग की घटनाएं दर्ज की गईं।


नागरिकों की मांग — ‘अब कार्रवाई जरूरी’

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर अवैध पटाखा गोदामों को सील करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे।

“अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई भी हादसा पूरे शहर को हिला सकता है।” — कानपुर निवासी।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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