शाहजहांपुर: 20 दिन की मासूम को जिंदा दफनाया, रोने की आवाज से बची जान

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शाहजहांपुर: 20 दिन की बच्ची को जिंदा दफनाया, माथे पर तिलक… हाथ से रिस रहा था खून

शाहजहांपुर के जैतीपुर क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां करीब 20 दिन की नवजात बच्ची को बहगुल नदी के पुल के किनारे एक फुट गहरे गड्ढे में जिंदा दबा दिया गया। मिट्टी में दबे होने के बावजूद बच्ची की सांसें चल रही थीं और समय रहते उसे बचा लिया गया।

रोने की आवाज से बची जान

रविवार सुबह करीब 9 बजे नदी किनारे बकरियां चरा रहे बालक डबलू को रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो मिट्टी से खून से सना हाथ बाहर दिखाई दिया। उसने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी मां और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। डर की वजह से बच्ची को तुरंत बाहर नहीं निकाला गया, बल्कि पुलिस को खबर दी गई।

सूचना पर पहुंचे उपनिरीक्षक इतेश तोमर ने मिट्टी हटाकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची के हाथ से खून रिस रहा था और उसके मुंह व कान में मिट्टी भरी हुई थी। आशंका है कि हाथ को चींटियों ने काटा होगा, जबकि डॉक्टर कौवों के चोंच मारने की भी संभावना जता रहे हैं।

गंभीर हालत में भर्ती

बच्ची को जैतीपुर सीएचसी से रेफर कर राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां उसे स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टर राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज ने बताया कि डॉक्टर अखिलेश के नेतृत्व में टीम बच्ची का जीवन बचाने की कोशिश कर रही है।

जांच में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि बच्ची की उंगलियां आपस में जुड़ी हुई हैं। यह विकृति संभवतः परिजनों के लिए परेशानी बनी हो। बच्ची के माथे पर तिलक भी मिला है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि छठी कार्यक्रम में उसे यह टीका लगाया गया होगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि बच्ची की पहचान हो सके।

सीओ तिलहर ज्योति यादव ने कहा कि आसपास के अस्पतालों से पिछले 20–25 दिनों में जन्मी बच्चियों की जानकारी ली जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

  • 19 मई 2025 : दादी और नानी ने मिलकर तीन दिन की बच्ची को नगर निगम कार्यालय के पास गड्ढे में जिंदा दफन कर दिया था। समय रहते कर्मचारी की नजर पड़ने पर बच्ची की जान बच गई थी।

  • 20 जनवरी 2019 : जलालाबाद के पुरैना गांव में 20 दिन की बच्ची को तालाब किनारे दफनाया गया था। वहां से गुजरते व्यक्ति ने उसकी रोने की आवाज सुन ली और जान बचा ली।


👉 इस तरह की घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। सवाल यह है कि आखिर क्यों मासूम बच्चियां आज भी ऐसी निर्दयता की शिकार हो रही हैं?


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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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