27 जोड़ों ने सात फेरे लिए, लौटे खाली हाथ: समाज कल्याण विभाग की लापरवाही से गरीब कन्याओं को योजना का लाभ नहीं मिला

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

27 जोड़ों ने लिए सात फेरे, लौटे खाली हाथ: समाज कल्याण विभाग की लापरवाही से गरीब कन्याओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ नहीं मिला

कानपुर, 29 अगस्त 2025:
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 27 जोड़े शादी के मंडप में सात फेरे लेने के बावजूद बिना उपहार और अनुदान के अपने घर लौट गए। यह घटना समाज कल्याण विभाग की गंभीर लापरवाही की तरफ इशारा करती है।

योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को विवाह के समय वित्तीय और सामाजिक सहायता प्रदान करना है। लेकिन इस बार, विभाग द्वारा समय पर आवेदन पत्रों का सत्यापन न किए जाने के कारण कई गरीब परिवारों की बेटियों को लाभ नहीं मिल सका।


समाज कल्याण समिति ने समय पर आवेदन कराया

जिलाधिकारी के निर्देश पर समाज कल्याण समिति सेवा के सचिव धनीराम पैंथर ने शादी की तय तारीख से एक सप्ताह पहले 27 गरीब कन्याओं के ऑनलाइन आवेदन करवा दिए थे। यह कदम गरीब परिवारों की बेटियों को योजना के तहत लाभ दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया था।

“हमने विभाग के कई अधिकारियों के पास आवेदन सत्यापन के लिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः जिलाधिकारी के जनता दर्शन में गुहार लगानी पड़ी। हमारी कोशिशों के बावजूद बेटियों को लाभ नहीं मिल सका,” – धनीराम पैंथर ने बताया।


प्रमुख मामलों का विवरण

केस 1:
सनिगवां के अभिषेक गौतम ने नौबस्ता की रहने वाली स्वाती चौहान से शादी की। जोड़े ने योजना के तहत लाभ लेने के लिए समय पर ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन विभाग ने आवेदन पत्रों का सत्यापन तक नहीं कराया। परिणामस्वरूप दंपती को उपहार और अनुदान नहीं मिल सका।

केस 2:
दबौली के सुरेश कुमार कश्यप ने तत्याटोपे नगर की रहने वाली शिखाकुमारी कश्यप से सामूहिक विवाह किया। आवेदन एक सप्ताह पहले किया गया था, लेकिन विभाग ने सत्यापन नहीं कराया। दंपती शादी के बाद बिना किसी वित्तीय सहायता के अपने घर लौट गया।

इस तरह कुल 27 कन्याएं और उनके पति इस योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए।


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ

योजना के तहत पात्र जोड़ों को ₹1,00,000 का लाभ मिलता है, जिसका वितरण इस प्रकार होता है:

  • ₹60,000 नकद चेक

  • ₹25,000 की उपहार सामग्री

  • ₹15,000 खाने-पीने के खर्च

11 मई 2025 को मोतीझील लॉन में समाज कल्याण समिति सेवा की ओर से सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 98 कन्याओं की शादी संपन्न हुई। इन 98 में से 27 कन्याएं वे थीं जिन्होंने योजना में आवेदन किया था।


विभाग की प्रतिक्रिया और जवाब

समिति के सचिव ने कई बार आवेदन का सत्यापन कराने के लिए विभाग के चक्कर काटे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जुलाई में धनीराम पैंथर ने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

समाज कल्याण विभाग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“योजना 2025-26 में आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया बदल दी गई है। उपहार सामग्री खरीदने के लिए फर्म का चयन नहीं हो सका। इसलिए योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। समिति चाहती है तो शादी अनुदान योजना के तहत आवेदन कर सकती है।”

यह जवाब प्रशासन की प्रक्रिया की जटिलता और विभागीय लापरवाही की ओर इशारा करता है।


जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया

इस मामले की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने CDO दीक्षा जैन से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।


सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

  1. परिवारों की आर्थिक परेशानी: कई गरीब परिवारों ने योजना के लाभ की उम्मीद के साथ शादी का खर्च और तैयारी की थी। विभाग की लापरवाही से उनका आर्थिक नुकसान हुआ।

  2. योजना पर विश्वास की कमी: गरीब परिवार अब योजनाओं पर भरोसा करने में हिचक सकते हैं।

  3. सामाजिक संदेश: यह घटना प्रशासनिक लापरवाही के कारण गरीब वर्ग की बेटियों को सही समय पर सहायता नहीं मिल पाने का उदाहरण बन गई है।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles