बरेली धर्मांतरण कांड: ड्रग्स की लत, मौलवियों का ब्रेनवॉश और शादी का जाल – संगठित गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

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बरेली धर्मांतरण कांड: नशे की लत, मौलवियों का ब्रेनवॉश और शादी के जाल से फैल रहा था संगठित नेटवर्क – पुलिस ने तीन गिरफ्तार किए

बरेली (उत्तर प्रदेश)। धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बरेली जिले में सक्रिय एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों – अब्दुल मजीद और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का तरीका चौंकाने वाला था। पहले वे परिवारों के नाबालिग बच्चों को ड्रग्स की लत लगाते, फिर इलाज के बहाने मौलवियों तक ले जाते और धीरे-धीरे ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्मांतरण के लिए तैयार करते। पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है।


छांगुर बाबा गैंग जैसी साज़िश

करीब दस साल पहले चर्चित छांगुर बाबा गैंग ने भी इसी तरह गरीब और भोले-भाले युवाओं को लालच और झूठे वादों के सहारे धर्मांतरण कराया था। मौजूदा गिरोह के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों में वही डर और चिंता का माहौल पनपने लगा है। लोग मानते हैं कि इस तरह के नेटवर्क समय-समय पर सक्रिय होकर समाज में अपनी जड़ें फैलाने लगते हैं।


पुलिस का गुप्त अभियान और बड़ी सफलता

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में खुफिया विभाग कई दिनों से इस गिरोह पर नज़र रख रहा था। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने दबिश दी और तीन लोगों को धर दबोचा।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि छापेमारी के दौरान एक मदरसे से धर्मांतरण की तैयारी चल रही थी। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में सबूत बरामद किए हैं –

  • विवादित प्रचारक जाकिर नाइक की दर्जनों सीडी

  • धार्मिक पुस्तकें

  • पासपोर्ट और आधार कार्ड

  • तीन कन्वर्ज़न सर्टिफिकेट

ये बरामदगी साफ करती है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित गतिविधि थी।


नशे से शुरुआत, फिर मानसिक नियंत्रण

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का पहला कदम युवाओं को नशे का आदी बनाना था। इसके बाद इलाज और मदद के नाम पर उन्हें मौलवियों तक पहुंचाया जाता, जहां धीरे-धीरे उनके विचार बदले जाते।
जांच में प्रभात उपाध्याय का केस सामने आया है, जिसे धर्म बदलकर हामिद बनाया जाना था। उसके पास से बरामद सीडी और साहित्य ने गिरोह की रणनीति का पूरा राज़ खोल दिया है।


शादी और परिवार पर कब्ज़ा करने की साज़िश

गिरोह की एक और खतरनाक रणनीति सामने आई – पहले एक सदस्य को फंसाना और फिर पूरे परिवार को अपनी गिरफ्त में लेना।
उदाहरण के तौर पर, सुभाष नगर निवासी बृजपाल को पहले मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए तैयार किया गया। इसके बाद उसकी बहन को भी फंसाकर निकाह कराया गया। यह बताता है कि गिरोह कितनी गहराई और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था।


फंडिंग और बाहरी कनेक्शन

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे धर्मांतरण की गतिविधियों के लिए अलग-अलग राज्यों में घूमकर फंड जुटाते थे। पुलिस को आशंका है कि हवाला के जरिए बाहरी फंडिंग भी इस नेटवर्क तक पहुंच रही थी।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ तीन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। आने वाले दिनों में कई बड़े नाम और संगठन बेनकाब हो सकते हैं।


प्रशासन सख़्त, समाज में चिंता

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की तैयारी में जुटी है। वहीं, इस घटना ने समाज में हलचल मचा दी है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे संगठित गिरोहों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भोले-भाले युवाओं को बरगलाने की कोशिशें नाकाम हो सकें।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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