📰 यूपी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा! 92 विभागों में होगी आउटसोर्स भर्ती, न्यूनतम वेतन ₹16,000 और दुर्घटना में मौत पर 30 लाख रुपये तक की सहायता
राज्य ब्यूरो, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के लाखों युवाओं और कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक योजना लागू करने जा रही है। राज्य में एक नया निगम “आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास)” गठित होगा, जिसके जरिए 92 सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानों में पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।
यह कदम न सिर्फ़ युवाओं के लिए नए रोज़गार अवसर खोलेगा, बल्कि मौजूदा कर्मचारियों को समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण लाभ भी सुनिश्चित करेगा। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति मिल चुकी है और अब इसे जल्द ही राज्य कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
✅ आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की खासियतें:
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प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय ₹16,000 प्रति माह तय किया है।
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कुछ विभागों, जैसे चिकित्सा विभाग में संविदा पर रखे जाने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को ₹3 से ₹5 लाख रुपये तक मानदेय मिल सकता है।
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कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक वेतन अनिवार्य रूप से दिया जाएगा, जिससे वेतन भुगतान में होने वाली देरी खत्म होगी।
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दुर्घटना में कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिजनों को 30 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। विशेष बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा।
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कर्मचारियों को 12 आकस्मिक (कैजुअल) अवकाश और 10 चिकित्सा (मेडिकल) अवकाश की सुविधा मिलेगी।
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भर्ती में SC, ST, OBC, EWS, महिलाओं, दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
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तलाकशुदा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को भर्तियों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
📊 गठन की प्रक्रिया और संचालन:
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निगम बनने के बाद, इसका संचालन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनने वाले निदेशक मंडल द्वारा किया जाएगा।
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निगम में एक महानिदेशक (Director General) की नियुक्ति होगी, जो रोज़मर्रा के संचालन, भर्ती प्रक्रिया और कर्मचारियों के हितों की देखभाल करेगा।
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यह पूरी व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों, भुगतान और शिकायत निवारण को पारदर्शी बनाने के लिए की जा रही है।
🌱 सरकार का मकसद:
प्रदेश सरकार का यह कदम आउटसोर्स कर्मचारियों को:
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समय पर वेतन,
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नौकरी की सुरक्षा,
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सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था
देकर उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए है।
वर्तमान में कई विभागों में कर्मचारियों को वेतन में देरी, ठेकेदारों के जरिए नियुक्ति में पारदर्शिता की कमी और सामाजिक सुरक्षा के लाभ न मिलने जैसी समस्याएं थीं। यह नया निगम इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा।
⚙️ विशेष प्रावधान:
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निगम सीधे भर्ती करेगा, जिससे ठेकेदारों की भूमिका कम होगी और शोषण की संभावना घटेगी।
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चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए हर स्तर पर डिजिटल ट्रैकिंग की व्यवस्था की जाएगी।
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कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा सहायता का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे कर्मचारी आर्थिक रूप से और सुरक्षित महसूस करेंगे।
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महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्राथमिकता और आरक्षण सुनिश्चित कर समाज के वंचित वर्गों को भी मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जाएगी।
🏛️ क्या है आगे की प्रक्रिया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक मंज़ूरी के बाद:
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सचिवालय प्रशासन विभाग ने विस्तृत मसौदा तैयार किया है।
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न्याय, कार्मिक और वित्त विभागों से भी मंजूरी मिल चुकी है।
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अब इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।
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कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद निगम का गठन और नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी।
📝 निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों को रोज़गार के अवसर देगा, बल्कि वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को भी सुनिश्चित करेगा। इससे लाखों परिवारों की जिंदगी में स्थिरता और भरोसा आएगा, और राज्य में रोजगार की स्थिति को एक नई दिशा मिलेगी।
भारत क्रांति न्यूज़
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.



