रायबरेली में स्मार्ट मीटर बने उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द, महीनों से नहीं मिल रहे बिल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायबरेली में स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत, महीनों से नहीं मिल रहे बिल, शिकायतें अनसुनी

जागरण संवाददाता, रायबरेली।
रायबरेली जिले में उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की नई व्यवस्था से राहत मिलने की जगह उल्टा सिरदर्द बढ़ गया है। पुराने मीटरों को हटाकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी की वजह बन गए हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी कई उपभोक्ताओं को महीनों से बिजली बिल ही नहीं मिल रहा, जिससे उनका बजट बिगड़ रहा है और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

महीनों से बिल का इंतजार, अधिकारी भी बेबस

रायबरेली शहर समेत जिले की सभी तहसीलों में करीब पांच माह से पोलरिस स्मार्ट मीटर नामक संस्था द्वारा पुराने मीटर बदले जा रहे हैं। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल समय से नहीं निकल पा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पुराने मीटर की फीडिंग में लापरवाही या तकनीकी खामी के कारण समस्या सामने आ रही है।

पुलिस लाइंस निवासी दिलीप कुमार बताते हैं, “मां के नाम पर वर्षों पुराना कनेक्शन है। 18 जनवरी को स्मार्ट मीटर लगा, लेकिन छह माह में एक भी बिल नहीं आया। दस बार से ज्यादा विभाग में शिकायत कर चुके हैं, पर कोई हल नहीं निकला।”

सत्य नगर के विवेक कुमार भी कहते हैं, “फरवरी में मीटर बदला गया, एक माह बाद भी बिल नहीं आया। उपखंड कार्यालय गए तो गोरा बाजार मीटर सेक्शन भेजा गया। छह माह हो चुके हैं, अब तक एक भी बिल नहीं निकला। कई महीने का बिल एक साथ आएगा तो भुगतान करना मुश्किल होगा।”

बजरंग नगर निवासी कृष्ण कुमार शुक्ला ने भी बताया, “17 जनवरी को मीटर बदला, छह महीने से ज्यादा हो गए लेकिन अब तक बिल नहीं निकला। विभाग के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”

तकनीकी गड़बड़ियां भी बनीं परेशानी की जड़

ऊंचाहार के हरिशंकर ने बताया, “करीब चार महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा। पहले तीन महीने लगभग पांच सौ रुपये का बिल आया। चौथे महीने अचानक बिल 900 रुपये हो गया। बिल जमा करने गए तो सिस्टम पर बिल शून्य दिखा। मोबाइल पर भी शून्य बिल का मैसेज आया। कर्मचारी ने कहा कि तकनीकी खामी है, अगले माह में बिल जुड़कर आएगा। लेकिन फिर कई महीनों का एक साथ बिल आएगा, तब क्या करेंगे?”

उपभोक्ताओं की चिंताएं: बढ़ेगा आर्थिक बोझ

उपभोक्ता कहते हैं कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता और समय पर बिल की उम्मीद थी, लेकिन अब बिल न मिलने से कई माह का बकाया एक साथ आ जाएगा। इससे उनके मासिक बजट पर बड़ा असर पड़ेगा।

विभाग का पक्ष

अधिशासी अभियंता, परीक्षण वितरण मंडल, प्रथम, पीसी भारती ने कहा, “अधिकतर शिकायतों का समाधान करा दिया गया है। तकनीकी खामी या मीटर फीड न होने से यह समस्या आई है। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द समस्या ठीक करें।”

मुख्य अभियंता रामकुमार ने कहा, “बिल संबंधी शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। जहां अभी समस्या बाकी है, वहां भी जल्द समाधान होगा।”


📌 क्या है स्मार्ट मीटर योजना?

– स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिजली उपभोग का डिजिटल रिकॉर्ड रखते हैं।
– बिलिंग ऑनलाइन सिस्टम से ऑटोमेटिक होती है।
– उपभोक्ता मोबाइल एप पर भी मीटर रीडिंग और बिल देख सकते हैं।

पर रायबरेली में योजना के अमल में सामने आई ये समस्याएं:

✅ पुराने मीटर की फीडिंग न होना।
✅ तकनीकी खामी से डेटा अपलोड न होना।
✅ उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय से निस्तारण न होना।


निष्कर्ष:

उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता और सुविधाजनक बिलिंग की उम्मीद थी, लेकिन लापरवाही और तकनीकी खामियों ने इसे उलटा सिरदर्द बना दिया है। विभाग कह रहा है कि जल्द समाधान होगा, लेकिन उपभोक्ताओं का भरोसा बार-बार टूटता नजर आ रहा है।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles