थाने से 400 मीटर दूर बैठा था अलकायदा संदिग्ध; फोन आते ही बाहर जाता था जीशान, एटीएस ने दबोचा

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नोएडा से गिरफ्तार अलकायदा संदिग्ध जीशान की पूरी कहानी: थाने से 400 मीटर दूरी पर चल रही थी संदिग्ध गतिविधियां, फोन आते ही दुकान से बाहर चला जाता था

   भारत क्रांति न्यूज़

नोएडा के सेक्टर-63 में एफएनजी रोड पर स्थित एक मोबाइल की दुकान से गिरफ्तार किया गया युवक जीशान, गुजरात एटीएस की रडार पर काफी समय से था। उसे अलकायदा के चार संदिग्धों में शामिल बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी कई सवाल खड़े करती है – आखिर थाने से महज 400 मीटर दूर बैठा युवक कैसे खुफिया एजेंसियों की नजर से बचा रहा?


किस तरह पहुंचा जीशान इस दुकान तक?

मेरठ के किठौर निवासी जीशान करीब एक महीने पहले मोबाइल दुकानदार मोहम्मद असद के पास काम मांगने आया था। असद का ननिहाल जीशान के गांव के बगल में है, जिससे उनके बीच पहले से जान-पहचान थी। इसी भरोसे पर असद ने जीशान को अपनी दुकान सैनिक कम्यूनिकेशन पर रख लिया। दुकान में असद का साला जान मोहम्मद भी काम करता है, जो बाहर कपड़ों की छोटी दुकान लगाता है।

दुकानदार असद बताते हैं कि जीशान का व्यवहार शुरुआत से थोड़ा अलग था। वह ग्राहकों से कम, अपने मोबाइल पर गेम खेलने में ज्यादा व्यस्त रहता था। जब भी उसके मोबाइल पर कोई कॉल आती, वह तुरंत दुकान के बाहर जाकर बात करता था और लौटकर भी सामान्य दिखने की कोशिश करता था।


अचानक हुआ ऑपरेशन, किसी को भनक नहीं लगी

मंगलवार दोपहर एटीएस की टीम अचानक दुकान पर आई। जीशान उस समय रोज की तरह दुकान पर बैठा था। बिना कोई शोर-शराबा किए एटीएस टीम ने उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और साथ ले गई। दुकान के बाकी कर्मचारियों और आसपास के लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया। टीम ने मौके पर ज्यादा जानकारी भी नहीं दी।

बाद में दुकानदार को मीडिया और स्थानीय पुलिस से पता चला कि जीशान को आतंकी संगठन अलकायदा से कथित तौर पर जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।


थाने से इतनी नजदीक, फिर भी एजेंसियों को खबर नहीं?

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सैनिक कम्यूनिकेशन मोबाइल दुकान पर जीशान काम करता था, वह सेक्टर-63 कोतवाली की नई बिल्डिंग से महज 400 मीटर की दूरी पर है।

एक महीने तक वह वहां काम करता रहा, रोज दुकान आता-जाता रहा, कॉल पर बाहर जाकर घंटों बात करता रहा – लेकिन न तो एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट), न ही स्थानीय पुलिस को इसकी कोई भनक लगी। पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी भी इस सवाल का जवाब देने से बच रहे हैं कि आखिर खुफिया नेटवर्क में यह चूक कैसे हुई।


एटीएस का गोपनीय और सुनियोजित ऑपरेशन

सूत्रों के अनुसार, गुजरात एटीएस का यह ऑपरेशन नोएडा समेत देश के कई शहरों में एक साथ चल रहा था। टीम ने पहले अपने स्तर पर रेकी की और जीशान की सही लोकेशन कन्फर्म होने के बाद अंतिम समय में नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।

इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से एटीएस ने सैनिक कम्यूनिकेशन पर छापा मारा और जीशान को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम थाने भी गई, जहां औपचारिकताएं पूरी कीं और फिर उसे लेकर रवाना हो गई।


दुकानदार भी रह गए हैरान

दुकानदार असद और उसके साले जान मोहम्मद दोनों ही हैरान हैं। असद कहते हैं, “हमें कभी अंदाजा भी नहीं था कि जीशान किसी देशविरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है। उसने कभी ऐसी कोई बात भी नहीं की।”

जान मोहम्मद बताते हैं कि जीशान दुकान में मोबाइल पर गेम खेलता रहता था और काम में ज्यादा मन नहीं लगाता था, लेकिन चूंकि वह असद के गांव के जानकार का बेटा था, इसलिए उसे ज्यादा टोका नहीं गया।


गिरफ्तारी के बाद मची हलचल

बुधवार को मीडिया के पहुंचने पर दुकान के बाहर भारी भीड़ लग गई। लोग हैरान थे कि उनके मोहल्ले की दुकान से कोई अलकायदा संदिग्ध पकड़ा गया है। एफएनजी रोड पर जाम भी लग गया।

गिरफ्तारी के बावजूद बुधवार को दुकान खुली रही। असद और जान मोहम्मद ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि जीशान का किसी आतंकी संगठन से संबंध है।


मोबाइल और डीवीआर भी जांच के लिए जब्त

गुजरात एटीएस की टीम जीशान के साथ-साथ दुकानदार असद का मोबाइल फोन और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी साथ ले गई। इनकी जांच से यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि जीशान का किससे-किससे संपर्क था, दुकान पर कौन-कौन उससे मिलने आया, और क्या कोई और इस साजिश में शामिल हो सकता है।


असद की दुकान का इतिहास

दुकानदार मोहम्मद असद खोड़ा कॉलोनी का निवासी है और आठ महीने से सैनिक कम्यूनिकेशन नामक दुकान चला रहा है। इससे पहले असद मेरठ में काम करता था। दुकान के बाहर उसका साला जान मोहम्मद कपड़े की छोटी दुकान लगाता है।


नोएडा पुलिस का जवाब

नोएडा पुलिस ने इस बारे में फिलहाल किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें जीशान की गिरफ्तारी के बारे में अंतिम समय में एटीएस से सूचना मिली थी।


निष्कर्ष

जीशान की गिरफ्तारी एक बड़ी सुरक्षा कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों के नेटवर्क की कमजोरी को भी उजागर किया है – खासकर जब संदिग्ध इतने समय तक पुलिस स्टेशन से चंद कदमों की दूरी पर काम करता रहा।

फिलहाल गुजरात एटीएस मामले की गहराई से जांच कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जीशान की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े कई और खुलासे सामने आएंगे।


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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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