धर्म बदलवाकर निकाह तक: हिंदू युवतियों को फंसाने वाला हाईटेक गिरोह बेनकाब

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धर्म बदलने से लेकर निकाह तक… प्यार के नाम पर बुना ऐसा हाईटेक जाल, मोबाइल-लैपटॉप से खुला पूरा राज़

नई दिल्ली।
देश को चौंका देने वाले इस मामले में सामने आया है कि हिंदू युवतियों को फंसाने, धर्म बदलवाने और फिर निकाह करने के पीछे सिर्फ इश्क़ या भावनात्मक धोखे की कहानी नहीं, बल्कि एक बेहद सुनियोजित और तकनीकी रूप से सक्षम गिरोह काम कर रहा था। यह गिरोह न सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था, बल्कि इसके तार कनाडा और अमेरिका जैसे देशों से फंडिंग तक जुड़े हुए पाए गए हैं।

जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से वो सबूत निकले जिनसे इस नेटवर्क की पूरी असलियत और गहराई सामने आने लगी।


इंस्टाग्राम से प्यार, व्हाट्सएप से प्लानिंग

शुरुआत सोशल मीडिया से होती थी। आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी नामों और तस्वीरों के साथ प्रोफाइल बनाते। सुंदर डीपी और मीठी बातों से हिंदू युवतियों से दोस्ती करते। बातचीत का दायरा बढ़ता और फिर प्रेम संबंध की शक्ल ले लेता।

फिर धीरे-धीरे युवतियों को घर-परिवार से अलग करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार किया जाता। अगर युवती घर छोड़ देती, तो गिरोह तुरंत आगे की योजना पर काम करता:

✅ किराए का मकान दिलवाना
✅ खाने-पीने के लिए रुपये देना
✅ कानूनी मदद दिलवाना
✅ धर्म परिवर्तन के कागज और निकाह के दस्तावेज़ बनवाना


सिर्फ इमोशनल गेम नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी से खेल

जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह निकला कि गिरोह में शामिल आरोपी तकनीकी रूप से बेहद सक्षम थे।

💻 कंप्यूटर कोडिंग की करीब 10 भाषाओं के जानकार
📱 व्हाट्सएप पर दर्जनों सीक्रेट ग्रुप बनाए हुए थे
🔐 फर्जी आईडी, डॉक्यूमेंट बनाने और डिजिटल सबूत मिटाने की भी ट्रेनिंग थी

इन ग्रुप्स में किस युवती को टारगेट किया जाए, कौन तैयार हो चुकी है, किसे धर्म बदलवाया जा चुका है, सबका हिसाब-किताब और अपडेट होता था।


मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान की पूरी भूमिका

मामले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान ही इस नेटवर्क को जोड़कर चलाता था।

📊 दिल्ली के बैंक में रहमान का एक खाता मिला, जिसमें विदेशों से लाखों रुपये ट्रांसफर हुए
📲 उसके लैपटॉप और मोबाइल से मिलीं चैट्स, बैंक डिटेल्स और डॉक्यूमेंट
🌐 रहमान सिर्फ लड़कियों को फंसाता ही नहीं था, बल्कि सोशल मीडिया पर उसका प्रचार भी करता था ताकि और युवतियों को भी प्रभावित किया जा सके


रहमान कुरैशी और पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर से कनेक्शन

रहमान कुरैशी का कनेक्शन पाकिस्तान के एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से भी मिला है।

🧑‍💻 यही नहीं, रहमान खुद भी एक यूट्यूब चैनल चलाता था, जिसके 1.60 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे
📹 चैनल पर धर्म परिवर्तन, निकाह और ‘नई ज़िंदगी’ की कहानियां डालकर युवतियों को इस रास्ते की ओर आकर्षित किया जाता था


केस डायरी में डिजिटल सबूत बनेंगे सबसे बड़ी ताकत

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के मुताबिक, आरोपियों को बच निकलने का कोई रास्ता न मिले, इसके लिए केस डायरी में डिजिटल सबूत सबसे अहम हिस्से होंगे।

🕵️‍♂️ पुलिस के साथ-साथ
✅ आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो)
✅ एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी)
भी अलग से पूछताछ कर रही हैं ताकि नेटवर्क की गहराई, विदेशों से फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि हो सके।


‘रिवर्ट’ आईडी से खुला बड़ा राज़

जांच में पता चला कि जो युवक-युवतियां धर्म बदलकर निकाह कर चुके थे, उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने नाम के साथ ‘Revert’ जोड़ रखा था।

🔍 जैसे ही पुलिस ने इंस्टाग्राम पर ‘Revert’ सर्च किया, तो बड़ी संख्या में ऐसी आईडी सामने आईं, जिनका संबंध इसी गिरोह से था।
अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन लोगों ने कब धर्म बदला, क्यों बदला और इसमें किसने मदद की।


यह सिर्फ कुछ आरोपी नहीं, बल्कि एक पूरा नेटवर्क

पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क अभी और भी बड़ा है, और कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है।

✅ आरोपियों की तकनीकी जानकारी
✅ विदेशी फंडिंग
✅ संगठित गिरोह की तरह काम करने का तरीका
ये सब बताते हैं कि यह सिर्फ एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का नेटवर्क है।


सबसे बड़ा सवाल: कितनी युवतियों की ज़िंदगी तबाह की?

अब पुलिस की सबसे अहम चुनौती यही है कि यह पता लगाया जाए कि इस गिरोह के जाल में अब तक कितनी हिंदू युवतियां फंसीं, और कितनों की जिंदगी को irreversible नुकसान हुआ।


📌 संक्षेप में:

  • इंस्टाग्राम से दोस्ती, फिर प्यार और घर से भागने के लिए उकसाना

  • रुपये, घर और कागज़ात की पूरी व्यवस्था

  • व्हाट्सएप ग्रुप से मॉनिटरिंग

  • रहमान के जरिए विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानी कनेक्शन

  • डिजिटल सबूत और सोशल मीडिया प्रचार

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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