“महाकुम्भ में स्नान करना मेरा सौभाग्य है” – राजनाथ सिंह

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महाकुम्भ में रक्षा मंत्री का संदेश: भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महापर्व

महाकुम्भ 2025 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम नगरी प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इस पवित्र आयोजन में शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

संगम में आस्था की डुबकी

रक्षा मंत्री ने कहा कि महाकुम्भ का यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत उदाहरण है। त्रिवेणी संगम पर स्नान के दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति की महिमा का गुणगान किया और मां गंगा से राष्ट्र के कल्याण और शांति के लिए प्रार्थना की।
“महाकुम्भ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारत की गहराई, विविधता और सामूहिकता को दर्शाने वाला एक महोत्सव है,” उन्होंने कहा।

पवित्र स्थलों का दर्शन

संगम स्नान के बाद रक्षा मंत्री ने प्रयागराज के अक्षयवट का दर्शन किया। अक्षयवट, जिसे सनातन धर्म का अमर प्रतीक माना जाता है, महाकुम्भ के आकर्षण का केंद्र है। यहां से वे पातालपुरी मंदिर गए, जहां उन्होंने सरस्वती कूप के दर्शन कर विशेष पूजा की।
इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने रक्षा मंत्री को महाकुम्भ के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया।

साधु-संतों से मुलाकात

महाकुम्भ में आने वाले विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों से रक्षा मंत्री ने संवाद किया। उन्होंने महाकुम्भ में उनकी भूमिका और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना की। रक्षा मंत्री ने साधु-संतों से महाकुम्भ के दौरान मिल रहे अनुभवों पर चर्चा की और उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया।

सुरक्षा के प्रति सजगता

महाकुम्भ जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। रक्षा मंत्री ने सेना और पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधन पर गहन चर्चा की। उन्होंने हाल ही में आतंकी हमले की धमकियों और अफवाहों को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी।
“सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

महाकुम्भ में आने का आह्वान

रक्षा मंत्री ने भारत और विदेशों के श्रद्धालुओं से अपील की कि वे महाकुम्भ में आएं और सनातन संस्कृति के इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा:
“महाकुम्भ हमें भारतीयता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक एकता का अनुभव कराता है। यह आयोजन न केवल धर्म का प्रतीक है, बल्कि समर्पण, सह-अस्तित्व और सामूहिकता का संदेश भी देता है।”

आयोजन में भव्यता और दिव्यता का संगम

महाकुम्भ 2025 का यह आयोजन प्रयागराज में ऐतिहासिक और दिव्य अनुभव प्रदान कर रहा है। संगम के तट पर भक्तों की भीड़, मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को और भव्य बना रही हैं।

रक्षा मंत्री का यह दौरा महाकुम्भ की महत्ता को और बढ़ा गया है। उन्होंने न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से संगम का महत्व बताया, बल्कि इस आयोजन को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और सामूहिकता का प्रतीक भी बताया।

(रिपोर्ट: आशु झा, संपादक: मंडल ब्यूरो पवन उपाध्याय , भारत क्रांति न्यूज)

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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